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ट्रंप प्रशासन के निशाने पर यूक्रेन? ‘स्टारशील्ड’ के पीछे व्हाइट हाउस का हाथ

Ukraine-Russia War: व्हाइट हाउस से यूक्रेन की स्टारशील्ड सेवा सीमित करने का आदेश आने की रिपोर्ट ने अमेरिका-यूक्रेन रिश्तों में तनाव बढ़ा दिया है। इससे यूक्रेनी ड्रोन ऑपरेशन भी प्रभावित हुए हैं।
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भारत

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Saurabh Mall

•

Oct 16, 2026

trilateral talks Russia Ukraine US

रूसी रिफाइनरी हमलों पर दबाव के बीच अमेरिका ने यूक्रेन की ‘स्टारशील्ड’ सेवा पर लगाई पाबंदी! (AI जनरेटेड इमेज)

US-Ukraine Relations: रूस के खिलाफ जंग लड़ रहे यूक्रेन की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। इस बार मामला हथियारों या आर्थिक मदद का नहीं, बल्कि उस सैटेलाइट सिस्टम का है, जो युद्ध के मैदान में यूक्रेनी सेना के लिए बेहद अहम है।

रॉयटर्स के रिपोर्ट के मुताबिक, यूक्रेन के लिए स्पेसएक्स की स्टारशील्ड सेवा सीमित करने का आदेश व्हाइट हाउस के भीतर से आया था। इससे अमेरिका और यूक्रेन के बीच पहले से जारी तनाव और बढ़ सकता है। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुद ऐसा कोई निर्देश देने से इनकार किया है।

यूक्रेन की सैन्य ताकत पर कैसे पड़ सकता है असर?

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इस मामले की जानकारी रखने वाले दो अमेरिकी अधिकारियों और एक पश्चिमी अधिकारी ने बताया कि अमेरिकी रक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को यूक्रेनी सेना के लिए स्टारशील्ड सेवा धीमी करने का संदेश मिला था। हालांकि, यह आदेश व्हाइट हाउस में किसने दिया और इसे लागू करने की जिम्मेदारी किसकी थी, इसकी जानकारी सामने नहीं आई है।

स्टारशील्ड स्पेसएक्स की सैन्य स्तर की सैटेलाइट सेवा है। यह स्टारलिंक नेटवर्क के आधार पर काम करती है और सुरक्षित संचार के लिए इस्तेमाल होती है। यूक्रेन की सेना युद्ध के मैदान में संचार और ड्रोन ऑपरेशन के लिए इस तकनीक पर निर्भर है।

यूक्रेनी अधिकारियों के मुताबिक, सेवा पर लगी सीमाओं से रूसी सेना और उसकी रसद व्यवस्था के खिलाफ हमले करना मुश्किल हुआ। रूसी शाहेद ड्रोन को रोकने वाले इंटरसेप्टर ड्रोन की गति पर भी असर पड़ा। यूक्रेन के रक्षा मंत्रालय से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि रिसीवर अब चलते समय काम कर रहे हैं, लेकिन उनकी गति 100 मील प्रति घंटे यानी करीब 160 किलोमीटर प्रति घंटे तक सीमित है।

रूसी रिफाइनरियों पर हमले बने तनाव की वजह?

अमेरिका और यूक्रेन के बीच बढ़ते तनाव की एक बड़ी वजह रूसी तेल रिफाइनरियों पर यूक्रेन के हमले बताए जा रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कीव से इन हमलों को रोकने का दबाव बनाया है। ट्रंप ने बढ़ती ऊर्जा कीमतों को लेकर भी चिंता जताई है।

बता दें 9 अक्टूबर को मियामी में हुई बैठक में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल ने यूक्रेनी अधिकारियों के सामने रूसी रिफाइनरियों पर लगातार हो रहे हमलों का मुद्दा उठाया। इस बैठक में ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर और मिडिल-ईस्ट के दूत स्टीव विटकॉफ भी शामिल थे।

रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी पक्ष ने रूस के साथ डीजल आपूर्ति से जुड़े समझौते का भी जिक्र किया। इस सौदे के तहत रूस को अमेरिका और वैश्विक बाजार में 22.5 लाख बैरल से अधिक डीजल की आपूर्ति करनी थी। कुछ अमेरिकी सांसदों ने इसका विरोध किया। उनका तर्क है कि इससे रूस को युद्ध जारी रखने के लिए आर्थिक मदद मिल सकती है।

जेलेंस्की और मस्क के बयानों से बढ़ी चर्चा

इस बीच स्टारशील्ड पर पाबंदियों की खबर सामने आने के बाद यूक्रेन ने अमेरिकी अधिकारियों से जवाब मांगा। एक वरिष्ठ यूक्रेनी अधिकारी के मुताबिक, कीव को बताया गया कि यह फैसला व्हाइट हाउस का था। हालांकि, एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने ऐसी कोई मांग नहीं की थी। व्हाइट हाउस ने यह स्पष्ट नहीं किया कि प्रशासन के दूसरे अधिकारियों ने ऐसा कोई निर्देश दिया था या नहीं।

वहीं स्पेसएक्स के प्रमुख एलन मस्क ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि स्टारशील्ड अमेरिकी सरकार के स्वामित्व और नियंत्रण में है, इसलिए इसके इस्तेमाल और गति पर सीमाएं अमेरिकी सेना या राष्ट्रपति तय करते हैं।

इस बीच, ट्रंप और यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की के बीच बयानबाजी भी तेज हुई है। रॉयटर्स के मुताबिक, अमेरिकी अधिकारियों ने यूक्रेन को रूसी मिसाइलों की जानकारी देना बंद करने की चेतावनी भी दी थी। हालांकि, ट्रंप ने कहा कि अमेरिका अब भी यूक्रेन के साथ खुफिया जानकारी साझा कर रहा है।