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UAE ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंदी को आर्थिक आतंकवाद बताया, टोल वसूली खाड़ी देशों के साथ भारत को कर रही प्रभावित

UAE मंत्री सईद अल हाजेरी ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की संभावित बंदी से भारत समेत दुनिया पर पड़ने वाले गंभीर प्रभावों को लेकर चेतावनी दी। यूएई–भारत व्यापार 2025 में 75 अरब डॉलर तक पहुंचा। और अब दोनों देशों ने इसे साल 2032 तक 200 अरब डॉलर तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा है।
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भारत

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Ankit Sai

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Updated: 19 Apr 2026, 1:48 PM IST

होर्मुज

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की बंदी से भारत पर असर

INDIA-UAE: वेस्ट एशिया में चल रहा तनाव अब वैश्विक अर्थव्यवस्था को प्रभावित करने लगा है। अमेरिका और ईरान के बीच 39 दिन के युद्ध के बाद सीजफायर जरूर हुआ है, लेकिन हालात अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हुए हैं। UAE के विदेश मंत्रालय में राज्य मंत्री सईद बिन मुबारक अल हाजेरी ने साफ कहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच 39 दिनों के युद्ध के बाद घोषित सीजफायर काफी नहीं है।

उन्होंने कहा कि कोई भी स्थायी समाधान ईरान के पूरे खतरे को संबोधित करे, जिसमें उसके न्यूक्लियर कैपेबिलिटी, बैलिस्टिक मिसाइलें, ड्रोन, और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का बिना शर्त खुलना शामिल हो। ईरान अभी भी इस जलडमरूमध्य को बंद रखे हुए है, जहाजों से परमिशन लेने और टोल वसूलने की बात कर रहा है। यह सिर्फ खाड़ी देशों को नहीं, बल्कि भारत को भी प्रभावित कर रहा है, जो यहां से क्रूड ऑयल, LPG और फर्टिलाइजर का बड़ा आयात करता है। हर दिन की देरी भारतीय परिवारों और बिजनेस पर बोझ बढ़ा रही है।

UAE पर 537 मिसाइलें, 2256 टेररिस्ट ड्रोन दागे

सईद अल हाजेरी ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की स्थिति को स्पष्ट करते हुए कहा कि यह फ्रीडम ऑफ नेविगेशन नहीं, बल्कि आर्थिक आतंकवाद है। भारत इस कॉरिडोर पर निर्भर है। बंदी से तेल और गैस की कीमतें बढ़ रही हैं, जो घरेलू बजट और उद्योगों दोनों को प्रभावित कर रही है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इसे तुरंत हल करना चाहिए।

UAE ने युद्ध शुरू होने से पहले ही अपने क्षेत्र और हवाई क्षेत्र का का इस्तेमाल ईरान पर हमले के लिए न करने का आश्वासन दिया था, लेकिन ईरान ने इसे नजरअंदाज कर हमले किए। 28 फरवरी से अब तक UAE पर अकेले 537 बैलिस्टिक मिसाइलें, 26 क्रूज मिसाइलें और 2256 टेररिस्ट ड्रोन दागे गए।

ईरान से पीड़ितों को मुआवजा देने की मांग की

ईरान के हमलों में UAE के लोगों के आवासीय इलाकों को निशाना बनाया गया। इनमें आम लोग मारे गए और 224 घायल हुए, जिनमें भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। सईद अल हाजेरी ने कहा, “ईरान ने उन लोगों की जान ली है जिनके बच्चे और परिवार हैं, ” उन्होंने घायलों के स्वस्थ होने की प्रार्थना की और मृतकों के प्रति शोक व्यक्त किया। मानवाधिकार परिषद ने 100 से ज्यादा देशों के समर्थन से ईरान से पीड़ितों को मुआवजा देने की मांग की। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद रेजोल्यूशन 2817 ने 136 देशों के सहयोग से इन हमलों की निंदा की।

UAE में 5 मिलियन से ज्यादा भारतीय

भारत ने UAE पर हमलों की निंदा की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युद्ध के शुरुआती घंटों में राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से फोन पर बात की। विदेश मंत्री एस जयशंकर और UAE की मंत्री रीम अल हाशिमी की 19 मार्च को दिल्ली में मुलाकात हुई। जयशंकर 11 और 12 अप्रैल को UAE भी गए। UAE में 5 मिलियन से ज्यादा भारतीय नागरिक रहते हैं। राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने अस्पताल में घायल भारतीय समेत अन्य नागरिकों से मुलाकात की और कहा, “वे सब हमारी जिम्मेदारी हैं।”

UAE की एयर डिफेंस सिस्टम ने ज्यादातर मिसाइल और ड्रोन को रोक लिया। एनर्जी, पानी, स्वास्थ्य, टेलीकॉम, ट्रांसपोर्ट और फूड सप्लाई में न्यूनतम व्यवधान रहा। UAE-इंडिया कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट (CEPA) के तहत ट्रेड 2025 में 75 बिलियन डॉलर पहुंचा। दोनों देशों ने जनवरी 2026 में इसे 2032 तक 200 बिलियन डॉलर करने का लक्ष्य रखा। UAE का मानना है कि मौजूदा स्थिति इस लक्ष्य को प्रभावित नहीं करेगी। बल्कि संकट ने भारत के साथ साझेदारी गहराने की इच्छा को और मजबूत किया है।