उन्होंने कहा कि कोई भी स्थायी समाधान ईरान के पूरे खतरे को संबोधित करे, जिसमें उसके न्यूक्लियर कैपेबिलिटी, बैलिस्टिक मिसाइलें, ड्रोन, और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का बिना शर्त खुलना शामिल हो। ईरान अभी भी इस जलडमरूमध्य को बंद रखे हुए है, जहाजों से परमिशन लेने और टोल वसूलने की बात कर रहा है। यह सिर्फ खाड़ी देशों को नहीं, बल्कि भारत को भी प्रभावित कर रहा है, जो यहां से क्रूड ऑयल, LPG और फर्टिलाइजर का बड़ा आयात करता है। हर दिन की देरी भारतीय परिवारों और बिजनेस पर बोझ बढ़ा रही है।