2 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

अमरीका और साउथ कोरिया के साझा युद्धाभ्यास से चीन टेंशन में

US-South Korea Joint Air Drill: अमरीका और दक्षिण कोरिया की एयर फोर्स ने साझा युद्धाभ्यास के लिए हाल ही में एक बार फिर से हाथ मिलाया है।

2 min read
Google source verification
us-south_korea_joint_air_drill.jpg

US-South Korea joint air drill

साझा एयर फोर्स युद्धाभ्यास के लिए दक्षिण कोरिया (South Korea) ने हाल ही में एक बार फिर से अमरीका (United States of America) से हाथ मिलाया है। इस पार्टनरशिप के अंतर्गत आज शनिवार, 19 नवंबर को दोनों देशों की एयर फोर्स ने साथ मिलकर सफलतापूर्वक एक साझा एयर ड्रिल की। इस साझा एयर ड्रिल के लिए दक्षिण कोरिया के एक उपद्वीप को चुना गया, जहाँ अमरीका ने अपना सुपरसॉनिक B-1B Strategic Bomber लड़ाकू विमान तैनात किया।


इससे पहले भी किया जा चुका है तैनात

इससे पहले भी अमरीका ने साझा एयर फोर्स युद्धाभ्यास के लिए दक्षिण कोरिया में अपने बी-वनबी स्ट्रैटेजिक बॉम्बर लड़ाकू विमान की तैनाती की थी। इस लड़ाकू विमान ने इस साझा एयर ड्रिल में हिस्सा लिया, जिसकी जानकारी दक्षिण कोरिया के स्टाफ के संयुक्त प्रमुख ने अपने के बयान में दी।


यह भी पढ़ें- Elon Musk का ट्विटर यूज़र्स से सवाल, "क्या Donald Trump की होनी चाहिए वापसी?"

उत्तर कोरिया के मिसाइल लॉन्च के बाद उठाया गया कदम

उत्तर कोरिया (North Korea) ने एक दिन पहले ही एक इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (Intercontinental Ballistic Missile) का परीक्षण किया था, जो जापान के पास जाकर गिरी थी। इस मिसाइल परीक्षण के बाद से ही आसपास के इलाकों में तनाव की स्थिति पैदा हो गई थी। दुनियाभर के कई नेताओं ने इस मिसाइल परीक्षण की निंदा भी की। इसके बाद ही साझा एयर ड्रिल के लिए अमरीका और दक्षिण कोरिया एक बार फिर साथ आए।


चीन की बढ़ सकती है चिंता

उत्तर कोरिया के इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल के लॉन्च की जहाँ दुनियाभर के कई देश निंदा कर रहे हैं, तो वहीँ चीन ने इसका समर्थन किया है। ऐसे में चीन के समर्थन से उत्तरी कोरिया का हौंसला और भी बढ़ गया। ऐसे में अमरीका और दक्षिण कोरिया के इस साझा युद्धाभ्यास से चीन की चीन बढ़ सकती है, क्योंकि पिछले कुछ समय से अमरीका और चीन के संबंधों में तनाव चल रहा है। ऐसे में चीन आगे के कदम सावधानी के साथ उठाने की कोशिश कर सकता है। साथ ही उत्तर कोरिया की भी चिंता इस साझा युद्धाभ्यास के बाद बढ़ सकती है।

यह भी पढ़ें- अमरीका की उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने की चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात, द्विपक्षीय वार्ता पर हुई चर्चा