
अमेरिका ने ईरान के परमाणु ठिकानों को बनाया निशाना (Photo-IANS)
US Attacks Iran: अमेरिका ने रविवार सुबह ईरान के तीन प्रमुख परमाणु ठिकानों-फोर्डो, नतांज और इस्फहान पर हमले किए। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस हमले को "शांति के लिए शक्ति का प्रदर्शन" करार देते हुए दावा किया कि यह ईरान के परमाणु खतरे को खत्म करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। वहीं अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने कहा "अपने कार्यकाल के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने लगातार 10 वर्षों से कहा है कि ईरान को परमाणु हथियार नहीं मिलना चाहिए। राष्ट्रपति ट्रंप के साहसिक और दूरदर्शी नेतृत्व और शक्ति के माध्यम से शांति के प्रति उनकी प्रतिबद्धता के कारण ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाएं नष्ट हो गई हैं। कई राष्ट्रपतियों ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को अंतिम झटका देने का सपना देखा है, लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप तक कोई भी ऐसा नहीं कर सका। बता दें कि अमेरिका ने ईरान के खिलाफ किए गए हमले को ‘मिडनाइट हैमर’ नाम दिया।
अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने कहा कि हमारे B2 इन परमाणु स्थलों में घुसे और बाहर निकले, दुनिया को इसकी बिल्कुल भी जानकारी नहीं थी। इस तरह से, यह ऐतिहासिक था। एक ऐसा हमला जिसमें 2001 के बाद से सबसे लंबा B2 स्पिरिट बॉम्बर मिशन और MOP, एक मैसिव ऑर्डनेंस पेनेट्रेटर का पहला परिचालन रोजगार शामिल था।
संयुक्त चीफ ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष जनरल डैन केन ने कहा कि राष्ट्रपति के आदेश पर, जनरल एरिक कुरिल्ला की कमान में अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने ऑपरेशन मिडनाइट हैमर को अंजाम दिया, जो ईरान की तीन परमाणु सुविधाओं पर एक जानबूझकर और सटीक हमला था। इस ऑपरेशन को ईरान के परमाणु हथियारों के बुनियादी ढांचे को बुरी तरह से नष्ट करने के लिए डिज़ाइन किया गया था। इसे कई डोमेन और थिएटरों में समन्वय के साथ योजनाबद्ध और निष्पादित किया गया था जो हमारे देश द्वारा चुने गए समय और स्थान पर गति और सटीकता के साथ वैश्विक स्तर पर शक्ति प्रक्षेपण करने की हमारी क्षमता को दर्शाता है। यह एक अत्यधिक गोपनीय मिशन था और वाशिंगटन में बहुत कम लोगों को इस योजना के समय के बारे में पता था।
संयुक्त चीफ ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष, जनरल डैन केन ने बताया कि अमेरिका से बी-2 बमवर्षक विमानों का एक बड़ा समूह रवाना हुआ। रणनीतिक आश्चर्य बनाए रखने के लिए, कुछ विमान पश्चिम की ओर प्रशांत महासागर में भेजे गए, जो एक छलावा था और इसे केवल वाशिंगटन और टाम्पा के कुछ चुनिंदा योजनाकारों और नेताओं को पता था। मुख्य हमले वाला समूह, जिसमें सात बी-2 स्पिरिट बमवर्षक थे, प्रत्येक में दो चालक दल के सदस्य, पूर्व की ओर चुपचाप रवाना हुआ और न्यूनतम संचार रखा।
पीट हेगसेथ ने कहा कि इस मिशन ने दुनिया को संयुक्त और संबद्ध एकीकरण के स्तर को दिखाया जो हमारे गठबंधन और हमारे संयुक्त बलों की ताकत को दर्शाता है। जैसा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है, संयुक्त राज्य अमेरिका युद्ध नहीं चाहता है। लेकिन मैं स्पष्ट कर दूँ। जब हमारे लोगों, हमारे भागीदारों या हमारे हितों को ख़तरा होगा तो हम तेज़ी से और निर्णायक रूप से कार्रवाई करेंगे। ईरान को राष्ट्रपति की बात सुननी चाहिए और जानना चाहिए कि उनका मतलब क्या है।
अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने कहा कि ऑपरेशन के दौरान ईरानी सैनिकों या ईरानी लोगों को निशाना नहीं बनाया है। उन्होंने कहा कि "राष्ट्रपति ट्रम्प द्वारा नियोजित ऑपरेशन साहसिक और शानदार था। दुनिया को दिखा रहा है कि अमेरिकी प्रतिरोध वापस आ गया है। जब यह राष्ट्रपति बोलता है, तो दुनिया को सुनना चाहिए ।
उन्होंने कहा कि पृथ्वी पर कोई भी अन्य देश इस ऑपरेशन को अंजाम नहीं दे सकता था, यहाँ तक कि करीब भी नहीं, जब राष्ट्रपति 60 दिन कहते हैं कि वे शांति और बातचीत चाहते हैं, तो उनका मतलब 60 दिनों की शांति और बातचीत से है। अन्यथा, वह परमाणु कार्यक्रम, वह परमाणु क्षमता मौजूद नहीं होगी। यह पिछला प्रशासन नहीं है।
Updated on:
22 Jun 2025, 7:31 PM IST
Published on:
22 Jun 2025, 7:31 PM IST
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