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Middle-East में अमेरिका सैनिक तैनात करेगा या नहीं? सामने आई बड़ी जानकारी

US troops Deployment: मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका की 82वीं एयरबोर्न डिवीजन के करीब 1000 सैनिकों की तैनाती की तैयारी, ईरान से बातचीत के बीच बढ़ी सैन्य हलचल की पूरी जानकारी पढ़ें।

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US army 82nd Airborne Division

अमेरिकी सेना की 82nd एयरबोर्न डिवीजन (Photo Credit - US Army)

Us-Israel-Iran-War: ईरान पर 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के हमले के बाद मध्य-पूर्व में तनाव चरम पर है। इस जंग के चलते दुनिया भर के देशों को ऊर्जा संकट का सामना करना पड़ रहा है। मौजूदा हालात के बीच अमेरिका अमेरिका अपनी सैन्य मौजूदगी को और मजबूत करने की तैयारी कर रहा है।

जानकारी के अनुसार, अमेरिकी सेना की 82वीं एयरबोर्न डिवीजन के करीब 1,000 सैनिकों को जल्द ही क्षेत्र में तैनात किया जा सकता है। इस संभावित तैनाती को लेकर दो सूत्रों ने बताया कि आधिकारिक आदेश अभी जारी नहीं हुए हैं, लेकिन इसकी घोषणा जल्द होने की उम्मीद है।

इस सैन्य दल में डिवीजन के कमांडर मेजर जनरल ब्रैंडन टेग्टमेयर (Brandon Tegtmeier) और डिविजन के कर्मचारी शामिल हैं। साथ ही प्रथम ब्रिगेड कॉम्बैट टीम की एक बटालियन भी है, जो वर्तमान में डिवीजन की तत्काल प्रतिक्रिया बल (IRF) के रूप में कार्य कर रही है। यह अमेरिकी सेना की तेज प्रतिक्रिया देने वाली इकाई होती है और जरूरत पड़ने पर कुछ ही घंटों में तैनात हो सकती है।

एक सप्ताह के भीतर तैनाती

रिपोर्ट के मुताबिक, डिवीजन स्टाफ और बटालियन के शुरुआती हिस्से एक सप्ताह के भीतर तैनाती शुरू कर सकते हैं। ब्रिगेड के अन्य हिस्सों के भी बाद में तैनात होने की संभावना है, हालांकि स्थिति के अनुसार इसमें बदलाव हो सकता है। यह ब्रिगेड मध्य पूर्व में रेडी यूनिट के तौर पर काम करेगी, जिसे किसी भी आपात स्थिति में तुरंत इस्तेमाल किया जा सकेगा। इससे पहले भी 2020 में ईरानी सैन्य कमांडर कासिम सुलेमानी (Qasem Soleimani) की हत्या के बाद 82वीं एयरबोर्न डिवीजन को इसी तरह क्षेत्र में भेजा गया था।

इसी के साथ, अमेरिका ने क्षेत्र में अपनी सैन्य ताकत बढ़ाने के लिए अतिरिक्त बल भी भेजे हैं। दो मरीन एक्सपेडिशनरी यूनिट और एम्फीबियस रेडी ग्रुप्स को भी मध्य पूर्व की ओर रवाना किया गया है। इन तैनातियों से स्पष्ट है कि अमेरिका एक ओर जहां सैन्य स्तर पर पूरी तैयारी रख रहा है, वहीं दूसरी ओर कूटनीतिक समाधान की संभावनाओं को भी खुला रखे हुए है।

15 बिंदुओं पर बनी सहमतिः ट्रंप

उधर, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका-ईरान के बीच संघर्ष समाप्त करने के लिए बातचीत में 15 बिंदुओं पर सहमति बनी है। ईरान काफी हद तक समझौता करना चाहता है। हालांकि, ईरान ने पहले अमेरिका के साथ किसी भी बातचीत से इनकार किया था।