
अमेरिका का गोल्डन डोम प्रोजेक्ट (Photo- X/ @MarioNawfal)
Golden Dome Project: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की महत्वाकांक्षी रक्षा योजना 'गोल्डन डोम' को बड़ी कामयाबी मिली है। दरअसल, अमेरिकी रक्षा विभाग यानी पेंटागन ने इस परियोजना के तहत पहला बड़ा लाइव-इंटरसेप्ट परीक्षण सफलतापूर्वक पूरा होने की घोषणा की है। पेंटागन के मुताबिक, परीक्षण के दौरान उन्नत रक्षा प्रणालियों ने हवाई खतरों, ड्रोन और क्रूज मिसाइलों का पता लगाया, उनका पीछा किया और उन्हें सफलतापूर्वक नष्ट किया।
अमेरिकी रक्षा विभाग के मुताबिक, परीक्षण के दौरान प्रणाली ने स्वतः कई लक्ष्यों की पहचान की और उन्हें निष्क्रिय किया। इस परीक्षण के दौरान अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ स्वयं मौजूद रहे। उन्होंने इस अत्याधुनिक तकनीक की सराहना की। परीक्षण के बाद अधिकारियों ने बताया कि डायनेमिक डिफेंस ऑटोनॉमस डिफीट (DDAD) प्लेटफॉर्म और आधुनिक हवाई खतरों का मुकाबला करने के लिए विकसित डायरेक्टेड-एनर्जी सिस्टम का उपयोग किया गया। यह परीक्षण गोल्डन डोम अवधारणा की पहली सार्वजनिक पुष्टि है, जो डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन की प्रमुख राष्ट्रीय सुरक्षा परियोजनाओं को नई गति प्रदान करता है।
'गोल्डन डोम' अमेरिका की एक महत्वाकांक्षी बहुस्तरीय मिसाइल रक्षा प्रणाली है। इसका प्रमुख उद्देश्य अमेरिका को बैलिस्टिक, हाइपरसोनिक और क्रूज मिसाइलों के साथ-साथ अंतरिक्ष से आने वाले किसी भी संभावित हवाई हमले से सुरक्षित करना है। यह प्रणाली इजरायल के आयरन डोम से कुछ अलग है। आयरन डोम जहां मुख्य रूप से कम दूरी के रॉकेट हमलों से सुरक्षा प्रदान करता है, वहीं गोल्डन डोम का मुख्य उद्देश्य पूरे अमेरिकी भूभाग की रक्षा करना है।
'गोल्डन डोम' परियोजना में भूमि-आधारित इंटरसेप्टर, उन्नत रडार नेटवर्क, AI-संचालित कमांड सिस्टम, सैटेलाइट सेंसर और संभावित अंतरिक्ष-आधारित इंटरसेप्टर शामिल हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का मानना है कि प्रतिद्वंद्वी देशों की बढ़ती मिसाइल क्षमताओं को देखते हुए अमेरिका को नई पीढ़ी की रक्षा प्रणाली की आवश्यकता है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले इस परियोजना की लागत लगभग 175 अरब डॉलर बताई थी, लेकिन अमेरिकी कांग्रेसनल बजट ऑफिस का अनुमान है कि अगले दो दशकों में इसकी कुल लागत 1.2 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकती है। अमेरिकी कांग्रेस अब तक अनुसंधान, विकास और परीक्षण के लिए लगभग 24 अरब डॉलर की प्रारंभिक फंडिंग मंजूर कर चुकी है।
गोल्डन डोम का पहला इंटरसेप्ट टेस्ट पास होने पर रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने सोशल मीडिया पर परियोजना की सराहना करते हुए कहा, 'गोल्डन डोम वास्तविक है, शक्तिशाली है और सही दिशा में आगे बढ़ रहा है।' उन्होंने यह भी बताया कि डायरेक्टेड-एनर्जी सिस्टम और DDAD प्लेटफॉर्म ने परीक्षण के दौरान आने वाले ड्रोन और क्रूज मिसाइलों को सफलतापूर्वक नष्ट किया। हेगसेथ ने कांग्रेस द्वारा हाल ही में स्वीकृत फंडिंग को भी परियोजना की प्रगति में महत्वपूर्ण बताया।
वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति ने गोल्डन डोम को अमेरिका की सुरक्षा व्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव लाने वाली पहल बताया है। उनका कहना है कि रूस और चीन जैसे देशों की बढ़ती मिसाइल क्षमताओं के कारण पारंपरिक रक्षा प्रणालियां पर्याप्त नहीं रह गई हैं। ट्रंप का दावा है कि गोल्डन डोम भूमि, समुद्र, वायु और यहां तक कि अंतरिक्ष से होने वाले संभावित हमलों के खिलाफ व्यापक सुरक्षा कवच प्रदान करेगा। प्रशासन ने 2029 तक इस प्रणाली के प्रमुख हिस्सों को परिचालन स्तर पर लाने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
Published on:
24 Jun 2026 12:51 pm
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