
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो । ( फोटो : ANI )
Geopolitics : भारत और अमेरिका के बीच दोस्ती गहरी हो रही है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भारत को अमेरिका का एक महत्वपूर्ण रणनीतिक सहयोगी बताया है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापार वार्ता पूर्ण होने के करीब हैं। उन्होंने बुधवार (स्थानीय समय) को सदन की विदेश मामलों की समिति के समक्ष गवाही देते हुए ये टिप्पणियां कीं। प्रतिनिधि बिल हुइजेंगा की ओर से भारत की अपनी हालिया यात्रा के परिणामों के बारे में पूछे जाने पर, कि ट्रंप प्रशासन बाजार पहुंच पर चर्चा करते हुए साझेदारी को कैसे मजबूत कर रहा है, रुबियो ने भारत को एक 'महत्वपूर्ण रणनीतिक सहयोगी' बताया है। उन्होंने कहा,' भारत अमेरिका का एक महत्वपूर्ण रणनीतिक सहयोगी है। हम कई काम एक साथ करते हैं और भविष्य में और भी अधिक काम करने के अपार अवसर हैं।' रुबियो ने बताया कि व्यापार वार्ता पर चर्चा जारी है और अमेरिका समझौते को अंतिम रूप देने के करीब है।
'हमने जिन दो बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित किया, उनमें से पहला यह उम्मीद है कि हम अपने व्यापार समझौते पर बातचीत जल्द से जल्द पूरी कर लेंगे - हमें लगता है कि इसमें कुछ ही सप्ताह लगेंगे… हम इसे पूरा करने के बहुत करीब हैं। दोनों पक्ष इसे पूरा होते हुए देखना चाहते हैं।' उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने बुधवार को सहायक व्यापार प्रतिनिधि ब्रेंडन लिंच का भारत में स्वागत किया , क्योंकि दोनों देश द्विपक्षीय व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के लिए प्रगति कर रहे हैं।
अमेरिकी राजदूत ने एक्स पर एक पोस्ट में बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दृष्टिकोण से निर्देशित प्रयासों के तहत दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश संबंधों को गहरा करने के उद्देश्य से प्रगति हो रही है।
उन्होंने बताया कि उनके भारत आने का दूसरा कारण द्विपक्षीय बैठक और क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक थी। क्वाड के बारे में उन्होंने जानकारी दी कि अब कुछ ऐसे मुद्दे हैं जिन पर काम किया जा सकता है। नई दिल्ली में 26 मई को हुए क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक के बाद जारी संयुक्त बयान के अनुसार, दोनों पक्षों ने महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करने, ऊर्जा सुरक्षा को बढ़ावा देने और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री क्षेत्र की जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से कई नई पहलों की घोषणा की।
रुबियो ने यह भी कहा कि इस साल के अंत में क्वाड नेताओं का शिखर सम्मेलन आयोजित करने के लिए काम चल रहा है, जिसका संभवतः हिंद-प्रशांत क्षेत्र में एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान आयोजन किया जाएगा। उन्होंने नेताओं की बैठक के समय और प्रारूप के बारे में कहा, 'हमें उम्मीद है कि हम इस साल एक बैठक कर पाएंगे, शायद क्षेत्र में किसी अन्य वैश्विक सम्मेलन के दौरान, लेकिन निश्चित रूप से एक बैठक होगी। यह एक अलग बैठक नहीं होगी, बल्कि एक ऐसे सम्मेलन का हिस्सा होगी जिसमें सभी नेता एक ही समय पर उपस्थित होंगे, तो यह आसान होगा। हम इसे निर्धारित करने के लिए काम कर रहे हैं।' ( इनपुट : ANI)
Updated on:
04 Jun 2026 04:24 pm
Published on:
04 Jun 2026 03:44 pm
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