
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Photo- ANI)
US Foreign Missions: वैश्विक राजनयिक मौजूदगी को सीमित करने की कोशिशों में अमेरिका जुट गया है। इस संबंध में अमेरिकी विदेश विभाग ने कांग्रेस को बताया है कि वह पांच देशों में अपने दूतावास और वाणिज्य दूतावास बंद करने की तैयारी कर रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, बिना किसी विशेष भू-राजनीतिक संकट के अमेरिका द्वारा एक साथ कई विदेशी राजनयिक मिशनों को बंद करने का निर्णय लेना यह एक दुर्लभ मामला है।
एक रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी विदेश विभाग ने पिछले सप्ताह के अंत में कांग्रेस की कुछ समितियों को इस संबंध में जानकारी दी। कांग्रेस को दी गई जानकारी के मुताबिक, विदेश विभाग ग्रेनाडा के सेंट जॉर्ज स्थित दूतावास, जापान के नागोया, इंडोनेशिया के मेडन और कनाडा के विनिपेग स्थित वाणिज्य दूतावासों के साथ-साथ कैमरून के डौआला स्थित दूतावास के ब्रांच ऑफिस को बंद करने का इरादा रखता है। यह कदम उन चर्चाओं के बाद उठाया गया है, जो पिछले वर्ष की शुरुआत में डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन द्वारा ली गई थीं।
वैश्विक राजनयिक मौजूदगी को सीमित करने की मुख्य वजह सरकारी खर्च में कटौती करना और विदेशों में अमेरिका की राजनयिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना बताया जा रहा है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका का मानना है कि छोटे दूतावास और वाणिज्य दूतावास अब पहले जितने जरूरी नहीं रह गए हैं। इन्हें संचालित करने में हर साल काफी पैसा खर्च होता है, इसलिए सरकार ऐसे मिशनों को बंद करके खर्च कम करना चाहती है।
डोनाल्ड ट्रंप सरकार के इस फैसले का अमेरिका में विरोध हो रहा है। डेमोक्रेटिक पार्टी के नेताओं और कई पूर्व अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के कदम उठाने से दुनिया में अमेरिका का प्रभाव कमजोर पड़ सकता है। उनका मानना है कि इससे चीन और रूस जैसे देशों को अपना प्रभाव बढ़ाने का मौका मिल सकता है।
फिलहाल, अमेरिकी विदेश विभाग ने अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। विभाग का कहना है कि उसका लक्ष्य विदेशों में अमेरिका की राजनयिक मौजूदगी को अधिक प्रभावी और किफायती बनाना है। साथ ही, कांग्रेस को सूचना देने की पूरी प्रक्रिया का पालन किया जा रहा है।
Updated on:
04 Aug 2026 08:39 am
Published on:
04 Aug 2026 08:37 am
