
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Photo- ANI)
US Qatar on Iran funds: ईरान के लिए मानवीय सहायता संबंधी खर्चों के लिए अरबों डॉलर की फ्रीज संपत्तियों को जारी करने की योजना पर अमेरिका कतर के साथ मिलकर काम कर रहा है। यह दावा अमेरिकी समाचार पत्र वॉल स्ट्रीट जर्नल (WSJ) की एक रिपोर्ट में किया गया है।
वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका की तरफ से उठाए गए इस कदम को ईरान के साथ हुए शांति समझौते से जोड़कर देखा जा रहा है। इस योजना का मकसद, दुनिया भर में ईरान की फ्रीज हुई 100 अरब डॉलर की संपत्तियों में से कुछ तक पहुंच प्रदान करना है। शुरुआत में कतर में फ्रीज 6 अरब डॉलर के फंड तक पहुंच दी जा सकती है।
रिपोर्ट के मुताबिक, कतर ईरान के केंद्रीय बैक की तरफ से ऑर्डर मानवीय सामान, जैसे खाद्य पदार्थ, दवाई आदि खरीदेगा. इसके लिए ईरान की फ्रीज की गई संपत्तियों का उपयोग किया जाएगा। इनमें तेल की बिक्री से प्राप्त धन भी शामिल है, जो अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों की वजह से विदेशों में फंसा हुआ है।
बता दें कि ऐसे समय में यह कदम ऐसे वक्त में उठाया गया है जब कतर ने बातचीत और शांतिपूर्ण तरीकों से लंबित मुद्दों को हल करने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत शुरू करने के अपने समर्थन को दोहराया है।
ईरान ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा है कि लेबनान समेत सभी मोर्चों पर जंग खत्म करने की जिम्मेदारी अमेरिका की है। यदि समझौते का उल्लंघन होता है, इसके लिए वॉशिंगटन जिम्मेदार होगा। ईरान की तरफ से विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार से शुक्रवार को फोन पर बातचीत के दौरान कही।
वहीं इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच युद्ध विराम की खबरों के बीच बड़ा बयान सामने आया है। हिजबुल्लाह प्रमुख नईम कासिम ने कहा है कि उनका संगठन इजरायल के कब्जे को कभी स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि हिजबुल्लाह के कब्जे वाली जमीन को मुक्त कराने के लिए लक्ष्य पर अडिग है। इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि यदि दुश्मन हमारे खिलाफ हथियार का इस्तेमाल करता है तो हम भी कड़ा जवाब देंगे।
Updated on:
20 Jun 2026 10:39 am
Published on:
20 Jun 2026 10:17 am
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