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व्लादिमीर पुतिन और डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुई फोन पर बात, अमेरिकी प्रतिनिधियों के दौरे पर हुई चर्चा

Putin-Trump Phone Call: रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच फोन पर बात हुई। दोनों के बीच क्या चर्चा हुई? आइए जानते हैं।
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भारत

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Tanay Mishra

•

Updated: 8 Sep 2026, 8:39 PM IST

Vladimir Putin and Donald Trump

व्लादिमीर पुतिन और डोनाल्ड ट्रंप (Photo - Washington Post)

रूस (Russia) के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) और अमेरिका(United States of America) के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) को दोस्त माना जाता है। हालांकि रूस-यूक्रेन युद्ध (Russia-Ukraine War) की वजह से दोनों के बीच मतभेद भी पैदा हुए हैं, लेकिन फिर भी दोनों के बीच अभी भी दोस्ती बनी हुई है। समय-समय पर दोनों के बीच फोन पर बातचीत भी होती है। हाल ही में दोनों देशों के राष्ट्रपतियों के बीच एक बार फिर फोन पर बातचीत हुई। क्रेमलिन के अधिकारी यूरी उशाकोव (Yuri Ushakov), जो पुतिन के विदेश नीति मामलों के सलाहकार भी हैं, ने इस बारे में जानकारी दी।

अमेरिकी प्रतिनिधियों के दौरे पर हुई चर्चा

अमेरिकी राजदूतों स्टीव विटकॉफ (Steve Witkoff) और जेरेड कुशनर (Jered Kushner), जो ट्रंप के दामाद भी हैं, ने हाल ही में रूस और यूक्रेन का दौरा किया। शनिवार को दोनों रूस के दौरे पर रहे और रविवार को दोनों यूक्रेन में रहे। रूस में दोनों ने पुतिन और अन्य रूसी अधिकारियों से मुलाकात की तो वहीँ यूक्रेन में दोनों ने यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेन्स्की (Volodymyr Zelenskyy) और अन्य यूक्रेनी अधिकारियों से मुलाकात की। ट्रंप ने दोनों को खास तौर पर रूस और यूक्रेन के दौरे पर भेजा जिससे पुतिन और ज़ेलेन्स्की के बीच शांति-वार्ता को संभव बनाया जा सके। रूस-यूक्रेन युद्ध का स्थायी तौर पर अंत हो सके, इसके लिए ट्रंप भी कोशिश कर रहे हैं।

यूरोप के खिलाफ रूस का नहीं है कोई आक्रामक प्लान

उशाकोव ने बताया कि फोन कॉल के दौरान पुतिन ने ट्रंप को बताया कि यूरोप के खिलाफ रूस का कोई आक्रामक प्लान नहीं है। यूक्रेन के खिलाफ युद्ध की वजह से कई यूरोपीय देश रूस के खिलाफ हो चुके हैं। ये देश शुरू से ही युद्ध में यूक्रेन की मदद कर रहे हैं और रूस की सैन्य कार्रवाई का जमकर विरोध कर रहे हैं। इन देशों ने रूस पर कई तरह के आर्थिक प्रतिबंध भी लगा दिए हैं। ऐसे में रूस और इन देशों के बीच तनावपूर्व स्थिति बनी हुई है, लेकिन इसके बावजूद यूरोप के खिलाफ कोई भी आक्रामक कदम उठाने का रूस का कोई प्लान नहीं है, जिसकी पुष्टि पुतिन ने ट्रंप से बातचीत के दौरान भी की।