
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन। (फोटो- ANI)
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने रूस पर करारा तंज कसा है। उन्होंने कहा कि रूस, जो कभी दुनिया को तेल-गैस बेचने वाला देश था, आज खुद तेल मंगवाने के लिए दर-दर भटक रहा है।
उन्होंने आगे कहा कि युद्ध की वजह से उसकी हालत इतनी खराब हो गई है कि रूस के पहले राष्ट्रपति बोरिस येल्तसिन भी इसे देखकर हैरान रह जाते। जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन ने पहले ही रूस को सहयोगी देशों से ईंधन सप्लाई रोकने का काम कर दिखाया है।
रूस की अर्थव्यवस्था हमेशा से अपने तेल और गैस के निर्यात पर टिकी रही। लेकिन यूक्रेन युद्ध ने सब बदल दिया। अब रूस को दूसरे देशों से ईंधन खरीदना पड़ रहा है। जेलेंस्की ने इसे 'इतिहास का सबसे बड़ा मजाक बताया।
उन्होंने कहा कि रूस को अब कहीं से भी, किसी भी तरह ईंधन जुटाना पड़ रहा है। यूक्रेन ने कूटनीतिक और दूसरे तरीकों से रूस की सप्लाई लाइनें प्रभावित की हैं।
जेलेंस्की का दावा है कि उनका देश पहले ही यह काम कर चुका है। रूस की अर्थव्यवस्था पर लगातार दबाव है। युद्ध के कारण उसके अपने रिफाइनरी प्लांट्स क्षतिग्रस्त हुए, निर्यात घटा और घरेलू जरूरतें पूरी करने में मुश्किल हो रही है।
जेलेंस्की ने रूसी नेता बोरिस येल्तसिन का जिक्र करते हुए कहा कि अगर उन्हें पता होता कि 20 से अधिक साल बाद रूस युद्ध छेड़कर खुद तेल आयात करने लगेगा तो वे व्लादिमीर पुतिन को अपना उत्तराधिकारी कभी नहीं चुनते। यह बयान रूस की मौजूदा हालत पर तीखा व्यंग्य है।
बता दें कि रूस पहले यूरोप और दूसरे देशों को सस्ता तेल सप्लाई करता था। लेकिन अब खुद ईंधन जुटाने में जूझ रहा है। युद्ध शुरू होने के बाद कई देशों ने रूस पर प्रतिबंध लगा दिए हैं। इससे रूस के तेल निर्यात में कमी आई है। साथ ही, यूक्रेन के हमलों ने रूस की रिफाइनरी यूनिट्स को नुकसान पहुंचाया।
बताया जा रहा है कि रूस अब अपनी जरूरत पूरी करने के लिए नए रास्ते तलाश रहा है। कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया है कि वह एशिया के कुछ देशों से तेल खरीदने की कोशिश कर रहा है। लेकिन कीमत ज्यादा पड़ रही है और सप्लाई भी सीमित है।
Updated on:
10 Jul 2026 07:03 pm
Published on:
10 Jul 2026 04:43 pm
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