
Wagner Group
रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध (Russia-Ukraine War) को 16 महीने पूरे हो गए हैं। 24 फरवरी, 2022 को शुरू हुए इस युद्ध में अब तक कई मोड़ आ चुके हैं, पर हाल ही में इस युद्ध में ऐसा मोड़ आया है जिससे रूस की चिंता बढ़ गई है। इसकी वजह है वैगनर ग्रुप (Wagner Group) की बगावत। दरअसल वैगनर ग्रुप एक खूंखार लड़ाकों का प्राइवेट ग्रुप है जिसके लीडर का नाम येवगेनी प्रिगोझिन (Yevgeny Prigozhin) है। यूक्रेन के खिलाफ युद्ध में रूस के लिए वैगनर ग्रुप की अहम भूमिका रही है। प्रिगोझिन एक समय में हॉट डॉग का स्टॉल लगाता था और उसके बाद एक रेस्टोरेंट खोल लिया था। कुछ ही समय में रेस्टोरेंट की पॉपुलैरिटी बढ़ गई। रुसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) भी अपने मेहमानों को प्रिगोझिन के रेस्टोरेंट में खाना खिलाने के लिए ले जाने लगे। तभी से प्रिगोझिन पुतिन का करीबी बन गया।
पुतिन के समर्थन से बनाया वैगनर ग्रुप
प्रिगोझिन ने पुतिन के समर्थन से ही वैगनर ग्रुप बनाया। वैगनर ग्रुप एक प्राइवेट मिलिट्री ग्रुप के तौर पर भी जाना जाता है और इसके लड़ाके काफी खूंखार होते हैं। पुतिन का करीबी होने से वैगनर ग्रुप को पुतिन के कई मिशनों पर तैनात किया गया, जहाँ वैगनर ग्रुप के लड़ाकों ने पुतिन को कामयाबी दिलाई। यूक्रेन के खिलाफ युद्ध में भी वैगनर ग्रुप की अहम भूमिका रही है। पर इस युद्ध के दौरान ही वैगनर ग्रुप की रूसी प्रशासन के लिए नाराज़गी भी बढ़ी।
क्या है वैगनर ग्रुप की बगावत की वजह?
दरअसल यूक्रेन के खिलाफ युद्ध के दौरान वैगनर ग्रुप के चीफ ने कई बार रुसी रक्षा मंत्रालय पर हथियारों की पर्याप्त सप्लाई नहीं करने का आरोप लगाया है। प्रिगोझिन ने खुले आम रुसी लीडरशिप पर भी सवाल उठाए। पर इसके बावजूद वैगनर ग्रुप रूस की तरफ से यूक्रेन के खिलाफ लड़ता रहा। पर कुछ समय पहले ही वैगनर ग्रुप की एक टुकड़ी और कैम्पों पर मिसाइल से हमला हुआ, जिसके लिए प्रिगोझिन ने रूसी रक्षा मंत्रालय को ज़िम्मेदार ठहराया। इसी वजह से वैगनर ग्रुप की रूस के खिलफ बगावत शुरू हो गई।
यह भी पढ़ें- पीएम नरेंद्र मोदी ने किया प्रवासी भारतीयों को संबोधित, भारतवंशियो को दिया बड़ा गिफ्ट
वैगनर ग्रुप की बगावत के क्या हो सकते हैं परिणाम?
वैगनर ग्रुप की बगावत से पुतिन की चिंता भी बढ़ गई है। प्रिगोझिन ने रुसी रक्षा मंत्रालय पर कब्ज़े के साथ ही रूस की लीडरशिप को भी पलटने की धमकी दे दी है। इसके लिए वैगनर ग्रुप के लड़ाके रोस्तोव-ऑन-डॉन (Rostov-On-Don) शहर पहुंच गए हैं और जानकारी के अनुसार रोस्तोव-ऑन-डॉन में स्थिति बिगड़ रही है।
वैगनर ग्रुप की बगावत के बाद रूस अलर्ट हो गया है। रक्षा मंत्रालय के साथ ही क्रेमलिन की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है। रूस में सिविल वॉर का खतरा पैदा हो गया है। हालांकि पुतिन ने कहा है कि वह देश में सिविल वॉर नहीं होने देंगे, पर वैगनर ग्रुप की धमकी को पुतिन भी हल्के में लेने की गलती नहीं करेंगे। प्रिगोझिन के रूस में समर्थकों की भी कमी नहीं है। रोस्तोव-ऑन-डॉन में सैन्य अधिकारियों को घरों से बाहर न निकलने के लिए कहा गया है, क्योंकि उनकी जान को खतरा हो सकता है।
इस बगावत से यूक्रेन के खिलाफ युद्ध में रूस का पलड़ा भी कमज़ोर हो सकता है। ऐसे में यूक्रेनी आर्मी की जवाबी कार्रवाई के साथ ही वैगनर ग्रुप के हमले के लिए भी रूसी आर्मी को तैयार रहना होगा। ऐसे में रुसी आर्मी पर प्रेशर भी बढ़ेगा। वैगनर ग्रुप ने हाल ही में एक रुसी सैन्य हेलीकॉप्टर को मार गिराने का दावा किया है। वैगनर ग्रुप रुसी लीडरशिप और आर्मी की भी कई योजनाओं से अच्छी तरह वाकिफ है। ऐसे में साफ है कि आने वाले समय में वैगनर ग्रुप की बगावत से रूस में हालत बिगड़ सकते हैं।
यह भी पढ़ें- भारत ने रूस से खरीदा S-400 डिफेंस सिस्टम, फिर भी अमरीका ने नहीं की कोई कार्रवाई, जानिए क्यों बदला अमरीकी रुख
Published on:
24 Jun 2023 02:26 pm
बड़ी खबरें
View Allविदेश
ट्रेंडिंग
