
सऊदी सैन्य अड्डे पर हूतियों का मिसाइल और ड्रोन अटैक (फाइल फोटो)
Houthi Saudi Attack: यमन में हूती विद्रोहियों और सरकार समर्थित बलों के बीच बढ़ती लड़ाई के बीच तनाव और गहरा गया है। ईरान समर्थित हूतियों ने दक्षिणी सऊदी अरब के शरूराह सैन्य अड्डे पर बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से हमला करने का दावा किया है। हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने सऊदी अरब को चेतावनी दी है कि यमन के खिलाफ आगे सैन्य कार्रवाई हुई तो सऊदी क्षेत्र के अंदर और बड़े हमले किए जाएंगे। संयुक्त राष्ट्र (UN) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, जुलाई से अब तक 76,000 से ज्यादा लोग अपना घर छोड़ने पर मजबूर हो चुके हैं।
हूती सेना के प्रवक्ता याह्या सरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी देते हुए बताया कि उन्होंने दक्षिणी शरूराह सैन्य अड्डे को निशाना बनाया है। इस हमले में मुख्य रूप से सऊदी सेना के हथियारों के गोदामों और कमांड एवं कंट्रोल सेंटर्स को निशाना बनाया गया। हूतियों का कहना है कि यह अड्डा उनके देश और नागरिकों के खिलाफ सैन्य अभियानों के संचालन के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था। सरी ने सऊदी अरब को स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि यमन पर हमले नहीं रुके, तो सऊदी अरब के अंदर घुसकर इससे भी बड़े और ज्यादा तीव्र हमले किए जाएंगे।
लड़ाई तेज होने का सबसे बुरा असर यमन के आम नागरिकों पर पड़ रहा है। संयुक्त राष्ट्र की अंतरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन (IOM) ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि यमन में लोगों के बेघर होने का संकट हर गुजरते घंटे के साथ गंभीर होता जा रहा है। जुलाई में हूतियों द्वारा सऊदी अरब के खिलाफ समुद्री नाकाबंदी की घोषणा के बाद से पलायन की रफ्तार काफी तेज हुई है, जिसके चलते सिर्फ एक हफ्ते के अंदर बेघर होने वाले लोगों की संख्या चार गुना तक बढ़ गई है।
आंकड़ों की बात करें तो इस महीने की शुरुआत में बेघर लोगों की संख्या 18,500 थी, जो मंगलवार को बढ़कर 46,000 और अब 76,000 के पार पहुंच गई है। प्रभावित क्षेत्रों में पूरे के पूरे परिवार अपने बच्चों के साथ अक्सर रात के अंधेरे में घर छोड़कर भाग रहे हैं, लेकिन उनके पास सिर छिपाने के लिए कोई सुरक्षित ठिकाना मौजूद नहीं है।
संयुक्त राष्ट्र एजेंसी के अनुसार, इस जंग का सबसे बुरा असर यमन के पश्चिमी तट और ताइज (Taiz) इलाके पर पड़ा है। इसमें भी ताइज प्रांत की स्थिति सबसे ज्यादा चिंताजनक है, जहां से अकेले लगभग 8,300 परिवार, यानी करीब 50,000 नागरिक अपना घर-बार छोड़कर पलायन करने पर मजबूर हुए हैं।
Updated on:
13 Sept 2026 11:32 am
Published on:
13 Sept 2026 11:13 am
