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‘आप किसी भी देश से तेल खरीद लो…’, अब अमेरिका ने भारत से क्या कहा?

अमेरिका ने भारत से रूस से तेल खरीदना बंद करने की फिर से अपील की है। ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट ने कहा कि भारत दुनिया के अन्य देशों से तेल खरीद सकता है और अमेरिका का मकसद यूक्रेन युद्ध खत्म करना है, न कि भारत को दंडित करना। हालांकि, भारत ने अपनी ऊर्जा सुरक्षा को प्राथमिकता बताते हुए अमेरिका के दबाव को खारिज किया है। 

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भारत

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Mukul Kumar

Sep 25, 2025

Donald Trump

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Photo: IANS)

अमेरिका ने फिर भारत से बड़ी अपील कर दी है। अमेरिका के ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट ने भारत से रूस से तेल खरीदने के फैसले पर फिर से विचार करने को कहा है।

उन्होंने यह तक कह दिया है कि अमेरिका का भारत को दंडित करने का कोई इरादा नहीं है, बल्कि उसका लक्ष्य यूक्रेन में चल रहे संघर्ष को समाप्त करना है।

न्यूयॉर्क में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान क्रिस राइट ने कहा कि दुनिया में तेल बेचने वाले कई देश हैं। भारत को रूसी तेल खरीदने की जरूरत नहीं है। भारत रूसी तेल इसलिए खरीदता है क्योंकि यह सस्ता है।

अब कोई भी रूसी तेल नहीं खरीदना चाहता, इसलिए उन्हें इसे छूट पर बेचना पड़ता है। भारत सस्ता तेल खरीदकर उस आदमी को पैसा दे रहा है जो हर हफ्ते हजारों लोगों की जान ले रहे है।

हम भारत के साथ अपने संबंधों को बढ़ाना चाहते हैं- राइट

राइट ने आगे कहा कि अमेरिका चाहता है कि भारत हमारे साथ मिलकर तेल खरीदे। आप रूस को छोड़कर दुनिया के हर देश से तेल खरीद सकते हैं। यही हम चाहते हैं।

उन्होंने कहा कि अमेरिका के पास बेचने के लिए तेल है और बाकी सभी के पास भी। हम भारत को दंडित नहीं करना चाहते। हम यूक्रेन में युद्ध समाप्त करना चाहते हैं और हम भारत के साथ अपने संबंधों को बढ़ाना चाहते हैं।

एस जयशंकर से राइट ने की थी मुलाकात

वहीं, भारत के साथ बातचीत को लेकर राइट ने कहा कि मैंने कुछ ही दिनों पहले भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात की और हमारे देशों के बीच सहयोग व भविष्य के रास्ते पर बातचीत हुई।

उन्होंने कहा कि रूस का यूक्रेन में शांति स्थापित करने का प्रयास एक पेचीदा मामला है। हम दोनों अमेरिका में कैबिनेट में और अपने सहयोगियों के साथ इस युद्ध को समाप्त करने के सबसे रचनात्मक तरीके खोजने की कोशिश कर रहे हैं।

क्या चाहते हैं ट्रंप? राइट ने खुलकर बताया

इसके अलावा, राइट ने अमेरिका-भारत संबंधों को मजबूत करने की प्राथमिकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप फिलहाल युद्ध को समाप्त करने के अलावा और कुछ नहीं चाहते हैं।

मैं भारत के साथ ऊर्जा और व्यापार सहयोग के लिए पूरी तरह तैयार हूं। इसका भविष्य उज्ज्वल है, लेकिन किसी तरह हमें यह पता लगाना होगा कि युद्ध को समाप्त करने के लिए अधिकतम दबाव बनाने के लिए हम मिलकर कैसे काम करें।

ट्रंप प्रशासन ने अगस्त 2025 में रूस से भारत के तेल खरीदने के कारण भारतीय वस्तुओं पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाया, जिससे कुल टैरिफ भार 50 प्रतिशत हो गया।

इसपर जवाब देते हुए भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि अमेरिका ने रूस से भारत के तेल आयात को निशाना बनाया है।

हमने पहले ही अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है। हमारा आयात बाजार के कारकों पर आधारित है और इसका उद्देश्य 1।4 अरब भारतीयों की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करना है।