
बहुचर्चित बबलू हत्याकांड का हुआ खुलासा, शार्प सूटरों ने की थी हत्या
आगरा। उत्तर प्रदेश सरकार के गले की फांस बन चुके बबलू हत्याकांड का शनिवार को आगरा पुलिस ने खुलासा किया है। 15 दिसम्बर 2018 को थाना सिकन्दरा क्षेत्र के होली पब्लिक स्कूल के सामने अज्ञात बाइक सवार बदमाशों ने गोली मारकर ककरैठा निवासी बबलू की हत्या कर दी थी। थाना सिकन्दरा पुलिस ने किरावली तिराहे से बाइक सवार दो बदमाशों को गिरफ्तार किया है। पुलिस गिरफ्त में आये दोनों बदमाश में सत्यवीर निर्भयगढी थाना पचोखरा फिरोजाबाद व दीपा उर्फ सनक सिंह रामनगर थाना पचोखरा फिरोजाबाद का रहने वाला है, जो पेशेवर हत्यारे हैं। प्रॉपर्टी डीलर बबलू की हत्या पांच लाख की सुपारी देकर थाना सिकन्दरा के के नगर के रहने वाले सलुआ उर्फ देवा ने कराई थी। गिरफ्तार बदमाशों को जेल भेजा गया है।
पेशेवरों ने की थी हत्या
थाना सिकन्दरा पुलिस के हत्थे चढे शातिर बदमाशों ने पुलिस पूछताछ में बताया कि हत्या करना उनका पेशा है। वह सुपारी लेकर हत्या करते हैं, जेल जाना उनके लिए आम बात है। गिरफ्तार हुए सत्यवीर व दीपा ने बबलू की हत्या करने का इकबाल किया है। सत्यवीर ने बताया है कि बबलू को चार लोगों ने घेरा था जिसमें गोली गांव अलाऊ टुण्डला फिरोजाबाद के संजय ने मारी थी।
शातिरों का आपराधिक इतिहास
पेशेवरों का लम्बा आपराधिक इतिहास है। जिसमें सत्यवीर पर दर्जनभर मुकदमे हैं, तो वहीं दीपा पर तीन मुकदमे दर्ज हैं। इनके कब्जे से पुलिस ने दो तमंचे व एक बाइक बरामद की है।
ये हैं फरार
सरेराह हुए हत्याकांड का मास्टरमाइंड थाना सिकंदरा के केके नगर का रहने वाला सलुआ व उसका भाई मनोज फरार हैं। इस सनसनीखेज वारदात को अंजाम देने वाले शातिर पेशेवर अपराधियों में बबलू को गोली को मारने वाला संजय व फिरोजाबाद के थाना पचोखरा के निर्भय गढी का वीनेश भी फरार है। पुलिस फरार बदमाशों की तलाश में जुट गई है।
कई बार हुआ था धरना
बबलू हत्याकांड के खुलासे के लिए उसके परिजनों ने पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों के कार्यालय का कई बार घेराव किया था। खुलासे में देरी पर परिजनों को धरना प्रदर्शन भी करना पडा था। थाना सिकन्दरा में बबलू की हत्या का मुकदमा उसके भाई विनीत यादव ने दर्ज कराया था।
Updated on:
14 Sept 2019 07:38 pm
Published on:
14 Sept 2019 06:09 pm
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