
एक पिता ऐसा भी... जो बच्चों को देता है बिजली के शॉक, जान बचाने के लिए मां-बेटे भटक रहे भूखे-प्यासे।
हर पिता की ख्वाहिश होती है कि जो वह अपने जीवन नहीं कर सका, उसके बच्चे जरूर करें। लेकिन, कुछ कलयुगी पिता ऐसे भी होते हैं, जो अपने बच्चों पर भी जुल्म ढहाते हैं। ऐसा ही एक मामला आगरा में सामने आया है। जहां दो बच्चे अपनी मां के साथ तीन दिन से सड़कों पर गुजर करने को मजबूर हैं, लेकिन पिता के खौफ के कारण घर नहीं लौटना चाहते हैं। क्योंकि घर में पिता कमरे में बंद कर बिजली का करंट देकर मारने का प्रयास करता है। बच्चों ने पिता की यातनाओं का एक वीडियो पुलिस को भी मुहैया कराया है, लेकिन पुलिस भी उनकी मदद नहीं कर रही है।
दरअसल, यह मामला आगरा के थाना न्यू आगरा क्षेत्र स्थित दयालबाग के रणधीर नगर का है। जहां रहने वाले योगेश बाबू कुशवाह की पत्नी और दो बच्चों का आरोप है कि कई सालों से उनका उत्पीड़न किया जा रहा है। शराब के नशे में योगेश ने सालभर पहले अपने 14 वर्षीय बड़े बेटे की आंख तक फोड़ डाली थी। गनीमत रही की इलाज से आंख ठीक हो गई। उन्होंने इस मामले में पुलिस केस भी किया, लेकिन आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया। मामले में समझौते के बाद उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है। आरोप है कि तीन दिन पहले ही तीनों को कमरे में बंद करते हुए बिजली के करंट से मारने का प्रयास किया गया। पुलिस से शिकायत की तो वह योगेश को थाने ले गई, लेकिन वह छूट गया। पीड़ित पत्नी का कहना है कि पति को ससुर और देवर आधा दर्जन से अधिक बार नशा मुक्ति केंद्र भेज चुके हैं, लेकिन वह बाहर आते ही नशा शुरू कर देता है।
सारा खाना जूठा कर जमीन पर फैला देता है कलयुगी पिता
पीड़ित बच्चों ने पिता के जो वीडियो दिखाए हैं। उनमें से एक वीडियो में पिता बिजली का तार घर की खिड़की पर लगा रहा है, जिससे करंट की चिंगारी निकल रही है और वह गाली गलौज कर रहा है। दूसरे वीडियो में वह घर का सारा कीमती सामान और कैश लेकर जा रहा है। एक अन्य वीडियो में पिता नशे में मारपीट कर रहा है। देखते ही देखते वह पैंट उतारकर अश्लील इशारे कर रहा है और फ्रिज का सारा खाना जूठा कर रहा है। बच्चों का कहना है कि पिता सारा खाना इसी तरह जूठा कर बर्बाद कर देता है और जमीन पर फैला देता है। इस वजह से उन्हें भूखा रहना पड़ता है। वहीं बच्चों की मां का कहना है की शादी के 15 साल से वह अत्याचार सह रही है। अब बच्चों की खातिर आवाज उठा रही है।
समाजसेवी की मदद भी नहीं आई काम
पीड़ित बच्चों को सड़क पर भटकते देख आगरा की समाजसेवी संस्था महफूज के कॉर्डिनेटर और चाइल्ड राइट एक्टिविस्ट नरेश पारस परिवार को लेकर एसडीएम सदर के पास गए। नरेश पारस ने कहा कि बच्चे पढ़ नहीं पा रहे हैं। उन्हें पिता से भी खतरा है। प्रशासन को मदद करनी चाहिए। इस पर एसडीएम सदर ने आश्वासन दिया और परिवार के अन्य सदस्यों द्वारा जिम्मेदारी लेने की बात कहते हुए थाना न्यू आगरा भेज दिया, लेकिन पुलिस ने मदद नहीं की।
Published on:
24 Apr 2022 04:43 pm
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