
आगरा में यमुना नदी के उफान से बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। 50 से अधिक कॉलोनियां और 60 से ज्यादा गांव जलमग्न हो गए हैं, जिससे करीब एक लाख लोग प्रभावित हुए हैं। कई परिवारों को पलायन करना पड़ा है। इस संकट में आम लोग, संगठन और स्थानीय समुदाय राहत कार्यों में जुटे हैं। इस बीच, आगरा के किन्नर समुदाय ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए बाढ़ पीड़ितों के लिए 25 लाख रुपये की सहायता राशि जुटाई है। इस घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें किन्नर समाज के लोग 500 रुपये के नोटों की गड्डियां प्रशासन को सौंपते दिख रहे हैं।
वायरल वीडियो में किन्नर समुदाय के लोग एकत्रित होकर राहत राशि सौंप रहे हैं। एक किन्नर अपने आंचल में 500 रुपये के नोटों की गड्डियां समेटे दिख रही है, और वीडियो में आवाज आती है कि यह राशि बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए जुटाई गई है। किन्नरों का यह प्रयास सोशल मीडिया पर खूब सराहा जा रहा है। हालांकि, कुछ लोग सवाल उठा रहे हैं कि इतनी बड़ी राशि किन्नर समुदाय के पास कहां से आई। सूत्रों के अनुसार, किन्नर समुदाय ने यह राशि सामूहिक रूप से चंदा इकट्ठा करके, अपनी बचत और सामाजिक आयोजनों से जुटाई है।
आगरा में यमुना नदी का जलस्तर 500 फीट से ऊपर पहुंच गया है, जो पिछले 15 वर्षों का रिकॉर्ड है। गोकुल बैराज से पानी छोड़े जाने और लगातार बारिश के कारण ताजमहल के पीछे की दीवार तक पानी पहुंच गया, जो 47 साल में पहली बार हुआ। दशहरा घाट, ताज व्यू प्वाइंट, और महताब बाग जलमग्न हैं। एत्माउद्दौला स्मारक के 12 कमरों में सात फीट पानी भर गया है, और जोहरा बाग पूरी तरह डूब चुका है। बाह तहसील में 30,000 से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं, और 9,500 बीघा से ज्यादा फसलें नष्ट हो गई हैं।
प्रशासन ने राहत कार्यों को तेज कर दिया है। सदर, एत्मादपुर, फतेहाबाद, और बाह तहसील के 60 से अधिक गांवों में पुलिस और प्रशासन ने मुनादी कराकर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। मेहरा नाहरगंज में 40 परिवारों को राहत शिविरों में स्थानांतरित किया गया, जहां भोजन और पानी की व्यवस्था की गई है। स्वास्थ्य शिविर लगाए गए हैं, और 65 अधिकारियों के साथ 350 कर्मचारी राहत कार्यों में जुटे हैं। हालांकि, कुछ क्षेत्रों में राहत सामग्री वितरण में समस्याएं सामने आई हैं।
किन्नर समुदाय का यह कदम न केवल बाढ़ पीड़ितों के लिए राहत है, बल्कि समाज के लिए एक प्रेरणा भी है। मेरठ में भी किन्नर समाज ने पंजाब के बाढ़ पीड़ितों के लिए 59,000 रुपये की सहायता दी थी, जो दर्शाता है कि किन्नर समुदाय संकट की घड़ी में हमेशा आगे रहता है।
Updated on:
11 Sept 2025 05:17 pm
Published on:
11 Sept 2025 05:17 pm
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