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आगरा। लोकसभा चुनाव के लिए सपा और कांग्रेस ने अपनी अपनी रणनीति बनाई हैं। बसपा ने भी अपने तरकस से तीर निकालने शुरू कर दिए हैं। भारतीय जनता पार्टी के बूथ जीतो चुनाव जीतो के अभियान के बाद सपा का स्मार्ट बूथ ऐप आया तो नीला खेमा भी लोकसभा चुनाव 2019 की तैयारियों में युद्धस्तर से जुट गया। टीम बसपा अब अपने कार्यकर्ताओं को बूथ जीतने का मंत्र बता रही है। बसपा नेता मतदाता सूची में अपने कार्यकर्ताओं के नाम के लिए बूथ पर तैनात रहेंगे। वहीं सोशल मीडिया पर भी सक्रियता को बढ़ाया जा रहा है।
कार्यकर्ताओं को बूथ जीतने का मंत्र
भारतीय जनता पार्टी ने विधानसभा चुनाव 2017 में बड़ी जीत हासिल की थी। इस जीत में भाजपा ने बूथ जीतो चुनाव जीतो पर अहम ध्यान दिया था। चुनावों में सपा के कार्यकर्ताओं ने बूथ मैंनेजमेंट में भारी गड़बड़ी का अंदेशा जताया था। इसके बाद हाईकमान ने सभी जिलाध्यक्षों को बूथ लेबल की लिस्ट तक मंगाई थी। अब सपा ने स्मार्ट बूथ ऐप लांच किया है, जिसमें बूथ के कार्यकर्ताओं का पूरा ब्योरा देखा जा सकता है। बसपा भी बूथ जीतने के स्लोगन पर काम करती नजर आ रही है। जिलाध्यक्ष भारतेंदु अरुण ने जानकारी दी कि सभी कार्यकर्ताओं को बूथ लेबल से सक्रियता बढ़ाने के निर्देश दिए गए है। बूथ जीतेंगे तो चुनाव भी जीतेंगे, इस आधार पर काम किया जा रहा है। बूथ मजबूत करने के लिए टीम काम कर रही है।
सोशल मीडिया पर बढ़ाई जा रही सक्रियता
सोशल मीडिया पर भी बसपा की सक्रियता अब बढ़ाई जा रही है। भारतेंदु अरुण के मुताबिक मोदी सरकार के चार साल के काम का ब्योरा जनता को दिया जा रहा है। सरकार दलित हितैषी होने का दम भरती है, लेकिन, दलित विरोधी मानसिकता वाली सरकार के काम का ब्योरा जनता को दिया जा रहा है। योगी सरकार में किस प्रकार दलितों पर जुल्म हो रहे हैं ये किसी से छुपा नहीं है। सोशल मीडिया से दूर रहने वाली बसपा अब सोशल मीडिया पर अपनी सक्रियता बढ़ाती दिख रही है।
Updated on:
20 Jun 2018 04:50 pm
Published on:
20 Jun 2018 10:28 am
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