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मां यशोदा की ममता के आगे नतमस्तक हुई जन्म देने वाली देवकी, ये किस्सा सुन भर आएंगी आंखें

Highlights - आगरा के ताजगंज थाना क्षेत्र की घटना - 9 माह तक बेटी कोख में पालने के बाद दे दिया गोद - वापस लेते ही बेटी और जेठानी का दुख देख पसीजा देवरानी का दिल

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आगरा

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lokesh verma

Nov 09, 2020

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आगरा. बेटी को 9 माह तक कोख में रख जन्म देने वाली मां की ममता पालने वाली मां के सामने नतमस्तक हो गई। दरअसल, बेटी का जन्म होते ही मां ने नवजात को अपनीनिसंतान जेठानी को गोद दे दिया था, लेकिन अचानक पांच साल बाद जन्म देने वाली मां ने बेटी को वापस ले लिया। बेटी के अपने से दूर होने के गम गोद लेने वाली मां ने खाना-पीना तक छोड़ डाला। उधर, बेटी ने भी मां से मिलनेे की जिद करते हुए खाना-पीना छोड़ दिया। बच्ची ने मां से मिलने की जिद करते हुए रो-रोकर घर सिर पर उठा लिया। यह देख जन्म देने वाली मां का दिल पसीज गया और 24 घंटे में ही बेटी को जेठानी की गोद में डाल दिया कि यह मेरी नहीं, आपकी बेटी है।

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दरअसल, यह मामला ताजगंज थाना क्षेत्र का है। जहां जूते के कारखाने में काम करने वाले दंपती के शादी के पांच साल बाद भी कोई बच्चा नहीं हुआ था। उन्होंने शहर से लेकर दूर-दराज के डॉक्टरों और हकीमों को दिखाया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। जेठानी का यह दुख देवरानी से देखा नहीं जा रहा था। इसी बीच पहले से एक बेटे मां देवरानी गर्भवती हो गई। देवरानी ने जेठानी से कहा कि उसकी कोख में पल रहा बच्चा आप गोद ले लेना। यह सुन जेठानी की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उसने बच्चे के दुनिया में आने से पहले ही ढेर सारे कपड़े सिल डाले और उस दौरान देवरानी की अच्छे से देखभाल की। इसके बाद देवरानी ने एक बच्ची को जन्म दिया और वादे के अनुसार जन्म देने के 24 घंंटे के भीतर उसे जेठानी को गोद दे दिया।

पुलिस ने बच्ची को पालने वाली मां से लेकर जन्म देने वाली मां को सौंपा

इसके बाद नन्ही परी को दंपती ने अपना नाम देते हुए उसका पालन पोषण किया। इस दौरान दोनों परिवार के सदस्यों में इस बात को लेकर कभी विवाद नहीं हुआ। बच्ची पालने वाले दंपती को ही मम्मी-पापा कहकर बुलाती है। पिछले साल ही दंपती ने बच्ची का स्कूल में दाखिला कराया था। वहीं, दो महीने पहले देवरानी की ममता जागी तो उसने अपनी बेटी को मांग लिया, लेकिन न तो जेठानी उसे देने को तैयार थी और न ही बच्ची जाने को तैयार थी। मामला बढ़ा तो ताजगंज थाने तक जा पहुंचा। इसके बाद पुलिस ने बच्ची को पालने वाली मां से लेकर जन्म देने वाली मां को सौंप दिया। क्योंकि दोनों के बीच गाेद लेने-देने की कानूनी प्रकिया नहीं हुई थी।

जन्म देने वाली मां ने 24 घंटे के भीतर बच्ची को जेठानी को लौटा दिया

पुलिस ने जैसे ही जन्म देने वाली मां काे बच्ची देने की बात कही तो पालने वाली मां फूट-फूटकर रोने लगी। वहीं, बेटी भी पालनहार मां को छोड़ने को तैयार नहीं थी। इसके बावजूद बच्ची को जन्म देने वाली मां को सौंप दिया गया। वहीं, ताजगंज पुलिस के लिए भी यह फैसला किसी परीक्षा से कम नहीं था। फैसले के तीन सप्ताह बाद पुलिस बच्ची और उसकी मां का हाल जानने के लिए दोनों दंपती के घर पहुंची। जहां जाकर पुलिस को पता चला कि जन्म देने वाली मां ने 24 घंटे भीतर बच्ची को जेठानी को लौटा दिया था। क्योंकि दोनों ने एक-दूसरे से बिछड़ने पर खाना-पीना छोड़ दिया था। यह देख देवरानी का दिल पसीज गया और उसने जेठानी की गोद में यह कहते हुए बच्ची को डाल दिया कि यह आपकी है और हमेशा आपकी ही रहेगी।

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