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राज्य की मातृभाषा गुजराती, साहित्य के संरक्षण को सरकार प्रतिबद्ध: मुख्यमंत्री

-अहमदाबाद अंतरराष्ट्रीय पुस्तक महोत्सव, छाप प्रदर्शनी का शुभारंभ, -700 से अधिक बुक स्टॉल, 125 से अधिक प्रकाशक पहुंचे, पुस्तक प्रेमियों के लिए कई आकर्षण
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अहमदाबाद

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nagendra singh rathore

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Updated: 24 Oct 2026, 9:56 PM IST

book festival

साबरमती रिवरफ्रंट पर आयोजित अहमदाबाद अंतरराष्ट्रीय पुस्तक महोत्सव में एक स्टॉल पर पुस्तक पढ़ते सीएम भूपेंद्र पटेल। साथ हैं दिल्ली के उप राज्यपाल तरणजीत सिंह संधू व अन्य अतिथि।

अहमदाबाद. मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने साबरमती रिवरफ्रंट पर ‘अहमदाबाद अंतरराष्ट्रीय पुस्तक महोत्सव-2026’ तथा केंद्रीय कपड़ा मंत्रालय की ‘छाप प्रदर्शनी’ का शनिवार को शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गुजरात की सांस्कृतिक विरासत, मातृभाषा गुजराती और साहित्य के संरक्षण तथा संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए वर्ष 2026-27 के बजट में शिक्षा, पुस्तकालयों के विकास, सांस्कृतिक गतिविधियों और गुजराती भाषा को प्रोत्साहन देने को 182 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। आदिजाति क्षेत्रों में पुस्तकालय स्थापित करने, जिला और तहसील स्तर पर पुस्तकालयों के निर्माण, विस्तार, आधुनिकीकरण के कदम उठाए हैं। गांधीनगर में ‘नमो सेंट्रल लाइब्रेरी’ की स्थापना को 100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है।

समारोह में स्वतंत्रता सेनानी, शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति के संस्थापक सरदार तेजा सिंह समुंद्री के जीवन, विरासत पर आधारित पुस्तक ‘सरदार तेजा सिंह समुंद्री : जीवन और विरासत’ का विमोचन किया गया।

पुस्तक महोत्सव से गुजरात की पहचान होगी मजबूत

मुख्यमंत्री ने कहा कि अहमदाबाद अंतरराष्ट्रीय पुस्तक महोत्सव ज्ञान के आदान-प्रदान को गति देने के साथ गुजरात की साहित्यिक और सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक मजबूत बनाएगा। ज्ञात हो कि नेशनल बुक ट्रस्ट, इंडिया, अहमदाबाद महानगर पालिका की ओर से यह महोत्सव हो रहा है।

इस अवसर पर मौजूद दिल्ली के उप राज्यपाल तरणजीत सिंह संधू ने भी अपने विचार व्यक्त किए। महापौर हितेश बारोट ने महोत्सव की जानकारी दी। मुख्यमंत्री तथा अतिथियों ने विभिन्न स्टॉलों और छाप प्रदर्शनी का दौरा किया। वर्ष 2012 से शुरू हुआ यह पुस्तक महोत्सव आज विद्यार्थियों, पाठकों और साहित्य प्रेमियों के लिए ज्ञान और रचनात्मकता के आदान-प्रदान का एक सशक्त मंच बन गया है।

1 नवंबर तक चलेगा महोत्सव

इस वर्ष 700 से अधिक बुक स्टॉल और 125 से अधिक अग्रणी प्रकाशक इसमें शामिल हुए हैं। महोत्सव 1 नवंबर तक चलेगा। सुबह 11 बजे से रात 10 बजे गुजराती साहित्य, कविता, गजल, संगीत, पुस्तक निर्माण, लेखन कला, बाल साहित्य और विचार-विमर्श को शामिल करने वाले विभिन्न कार्यक्रम होंगे।