
ओएनजीसी मेहसाणा एसेट में मीडिया संवाद में कार्यकारी निदेशक सुनील कुमार।
मेहसाणा. ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन लिमिटेड (ओएनजीसी), मेहसाणा एसेट देश के प्रमुख ऑनशोर तेल उत्पादक क्षेत्रों में शामिल है। देश के प्रमुख ऑनशोर तेल उत्पादक क्षेत्रों में मेहसाणा एसेट का कुल 96.03 मिलियन मीट्रिक टन से अधिक कच्चे तेल का उत्पादन हो चुका है। ओएनजीसी, मेहसाणा एसेट के कार्यकारी निदेशक सुनील कुमार ने मंगलवार को यहां मीडिया संवाद में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह ओएनजीसी के कुल ऑनशोर तेल उत्पादन में एक-तिहाई से अधिक का योगदान है। यह 10 बड़े और 11 छोटे तेल क्षेत्रों में काम करता है। देशभर में 87 फीसदी कच्चा तेल आयात होता है।
उन्होंने बताया कि मेहसाणा एसेट के पास 11 ड्रिलिंग रिग, 39 इंस्टॉलेशन कॉम्प्लेक्स, 20 वर्कओवर रिग और करीब 4,700 किलोमीटर लंबा पाइपलाइन नेटवर्क है। इसे एन्हांस्ड ऑयल रिकवरी (ईओआर) के प्रमुख केंद्र के रूप में पहचान मिली है। यहां इन-सीटू कम्बशन तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। साथ ही, रासायनिक तकनीकों के जरिए तेल उत्पादन बढ़ाने के क्षेत्र में भी यह देश के अग्रणी केंद्रों में शामिल है। इन तकनीकों से हल्के से लेकर भारी कच्चे तेल के उत्पादन और पुराने तेल भंडारों से लगातार उत्पादन बनाए रखने में मदद मिलती है।
तेल उत्पादन के साथ ओएनजीसी मेहसाणा एसेट रोजगार, किसानों के कल्याण, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और महिला सशक्तीकरण के माध्यम से सामाजिक-आर्थिक विकास में भी योगदान दे रहा है। वर्ष 2025 में यहां प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना के तहत 85 इंटर्न और 115 अप्रेंटिस को अवसर दिए। किसानों को जमीन के किराए के मुआवजे के रूप में हर साल करीब 92 करोड़ रुपए का भुगतान किया जाता है। इससे लगभग 10,500 किसान लाभान्वित होते हैं।
किसानों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए खेड़ूत सहयोग केंद्र शुरू किया है। इसके जरिए किसान अपनी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं और उनकी स्थिति की जानकारी भी प्राप्त कर सकते हैं। अब तक 5 हजार समस्याओं का समाधान किया गया।
ओएनजीसी के ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत अधिकारियों और स्थानीय लोगों की भागीदारी से कमालपुर में 1 हजार पौधे रोपे गए। 121 डीज़ल बसों और ट्रकों की जगह सीएनजी बसें मुहैया करवाई हैं। ग्रिड से जुड़ी 715 किलोवाट सौर ऊर्जा संयंत्र भी स्थापित किया। उन्होंने बताया किसानों के खेतों पर तेल के कुओं से तेल का रिसाव होने से खराब होने वाली मिट्टी को निकालकर उसका ट्रीटमेंट करके अधिक उपजाऊ बनाकर लौटाने की योजना पर काम चल रहा है।
Updated on:
13 Oct 2026 09:11 pm
Published on:
13 Oct 2026 09:11 pm
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