उन्होंने कहा कि राज्य के अहमदाबाद, सूरत, वडोदरा राजकोट समेत प्रमुख शहरों में कोरोना संक्रमण बेकाबू हो गया है। ऐसे में गुजरात के 18 हजार गांवों में भी कोरोना संक्रमण तीव्रता से फैल रहा है। इसके लिए ग्रामीणस्तर पर भी तत्काल चिकित्सा सुविधा मुहैया करानी चाहिए। ग्रामीणस्तर पर 8-10 गांवों के बीच एक सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र (पीएचसी) या प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र (पीएचसी) होता है, जहां पर्याप्त मात्रा में कोरोना टेस्टिंग की रेपिड एन्टीजन टेस्ट सुविधा भी उपलब्ध नहीं है। साथ ही इस हकीकत को भी स्वीकार करना होगा कि ग्रामीण इलाकों में चिकित्सकों, नर्स और पैरा मेडिकल स्टाफ की भी कमी है।