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अजमेर.अजमेर-ब्यावर रोड तबीजी स्थित अजमेर विकास प्राधिकरण की अफोर्डेबल हाउसिंग योजना में आवास निर्माण को लेकर ठेकेदार व प्राधिकरण के बीच चल रहा विवाद सुलझ गया है। ठेकेदार फर्म ने इस योजना के अधूरे पड़े अवासों का निर्माण भी शुरु कर दिया है। सबसे पहले ईडब्ल्यूएस श्रेणी के क्वार्टर की फिनिशिंग का काम शुरु किया गया है। निर्माण कार्य चलता रहा तो अगले वर्ष इस योजना के आवास निर्माण पूरे हो जाएंगे। इस योजना के 7-15 के ब्लॉक एडीए के पास है। जबकि 1-6 ब्लॉक ठेकेदार के पास ही हैं। ठेकदार फर्म के स्वंय के फ्लैट के नक्शों का लम्बे समय से विवाद चल रहा है। कुछ संसोधन के साथ ही इन्हें मजंूरी दी गई है।
2014 में ही पूरा होना था निर्माण
अफोर्डेबल हाउसिंग योजना के तहत आवास निर्माण का ठेका कम्पनी गोल्डन इंफ्रास्ट्रक्चर को 15 सितम्बर 2011 को ईडब्ल्यूएस श्रेणी के 240,एलआईजी के 192 तथा एमआई श्रेणी के104 सहित कुल 536 आवास का निर्माण करने के लिए 2024 लाख रुपए में दिया गया था। निर्माण 19 सितम्बर 2014 को पूरा होना था लेकिन अभी भी 240 आवासों का निर्माण कार्य शेष है। प्राधिकरण के अनुसार योजना में आंतरिक आधारभूत विकास निर्माण कम्पनी की जिम्मेदारी है लेकिन यह अधूरा है।बिजली पहुंची, पानी की लाइन का काम जारी
इस योजना में करीब 7 साल बाद पानी पहुंचने की आस जगी है। प्राधिकरण ने इस योजना में पानी पहुंचाने के लिए जलदाय विभाग को एक करोड़ रूपए की अग्रिम राशि जमा करवाई है। इस प्रोजेक्ट पर कुल 3 करोड़ 11 लाख रूपए खर्च होंगे। जलदाय विभाग जल्द ही यहां पानी की पाइप लाइन डालने का काम शुरु कर दिया है। प्राधिकरण ने इस योजना में बिजली पहुंचाने के लिए करीब तीन साल पहले टाटा पावर को 4 करोड़ 21 लाख रूपए की राशि जमा करवाई है।
आवंटी लगा रहे चक्कर,हो रही शिकायतें
इस योजना में आवास के लिए राशि जमा करवा चुके आवंटी आवास का कब्जा लेने के लिए प्राधिकरण के चक्कर लगा रहे हैं लेकिन उन्हें कब्जा कब मिलेगा यह कोई बताने वाला नहीं है। परेशान आवंटी सम्पर्क पोर्टल सहित अन्य जगहों पर शिकायतें दर्ज करवा रहे हैं।
पानी के लिए टैंकर,बिजली के लिए बिल्डर
इस योजना में वर्तमान में पानी नहीं होने के कारण यहां रहने वाले लागों का टैंकरों पर निर्भर हैं। वहीं मीठा पानी लाने के लिए उन्हें कई किलोमीटर दूर रामगंज व आसपास की फैक्ट्रीयों का रूख करना पड़ता है। जबकि बिजली के लिए बिल्डर के अस्थाई कनेक्शन के भरोसे हैं। वहीं भी पिछले साल कट गया था।
प्राधिकरण ने दी थी चेतावनी
आवास निर्माण कार्य पूरा करने में ढिलाई बरत रही निर्माण कम्पनी के लिखाफ अब सख्त रुख अपनाया था । प्राधिकरण के अनुसार कम्पनी न तो निर्माण कार्य पूरा कर रही है और न ही एडीए के आदेशों को ही मान रही है। ऐसे में अब अफोर्डेबल योजना के अधूरे आवासों निर्माण एडीए करेगा रिस्क एंड कॉस्ट पर पूरा किया जाएगा। प्राधिकरण ने साथ ही निर्माण कम्पनी अनुसार बिल्डर फर्म मैसर्स गोल्डन लाइन इन्फ्रास्ट्रक्चर को पत्र लिखकर चेतावनी दी थी।
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Published on:
16 Oct 2021, 8:55 PM IST
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