
जलशक्ति अभियान: खोलेंगे तालाबों, बाविडय़ों में पानी की आवक के रास्ते
केंद्र सरकार की ओर से जल शक्ति अभियान के तहत जिले को जल शक्ति से समृद्ध करने के लिए जिला स्तरीय योजना तैयार होगी। इस संबंध में केन्द्रीय विज्ञान एवं तकनीकी विभाग के संयुक्त निदेशक एवं जल शक्ति अभियान के नोडल अधिकारी चन्द्रप्रकाश गोयल ने राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के सभागार में जल शक्ति अभियान की समीक्षा बैठक में निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि अभियान के प्रथम चरण में प्रत्येक गांव, ब्लॉक एवं शहर तक जल संचयन के सभी उपायों का क्रियान्वयन होगा। उन्होंने कहा कि वर्षा जल से भूमिगत जल को रिचार्ज करने के निर्देश दिए। सभी सरकारी भवनों के साथ ही निजी भवनों में भी वाटर हार्वेस्टिंग अनिवार्य करने के निर्देश दिए। केन्द्र से आए तकनीकी अधिकारी प्रदीप कुमार एवं विवेक जौहरी ने अभियान के बारे में विस्तार से बताया। जिला कलक्टर विश्वमोहन शर्मा ने बताया कि अभियान का उद्देश्य ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में भूजल स्तर में बढ़ोतरी, तालाब, कुएं, बोरवैल एवं अन्य जलस्रोतों में पानी की आवक, वन क्षेत्र में बढ़ोतरी तथा कृषकों की खुशहाली है। इसके सफल क्रियान्वयन के लिए जिला स्तरीय योजना बनाई जा रही है।
उन्होंने बताया कि योजना के तहत प्रत्येक गांव में जल की आवश्यकता, वहां विभिन्न स्त्रोतों से उपलब्ध पानी तथा जलस्तर में वृद्धि के लिए किए जाने वाले प्रयासों को शमिल किया जाएगा। प्रत्येक तालाब, कुएं एवं बावड़ी तक पानी की आवक के रास्तों को खुलवाने का प्रयास होगा।
अधिकारियों ने तिहारी गांव में बड़े स्तर पर अतिक्रमण हटाकर जल की आवक के मार्ग खोलने पर सरपंच निकिता चौधरी, पौधरोपण के लिए झड़वासा सरपंच देवकरण गुर्जर एवं पीसांगन के कार्मिक दिनेश तिवाड़ी को सम्मानित किया गया। जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री गजेन्द्र सिंह राठौड़ ने बताया कि अभियान की सफलता के लिए समन्वित प्रयास किए जा रहे है। बैठक में उप वन संरक्षक सुदीप कौर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
Published on:
11 Jul 2019 01:07 pm
