
आनासागर में मलवा डालने वालों के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाई, किशनगढ़ का गूंदोलाव भी होगा अधिसूचित
प्रशासन की ओर से आनासागर के सौन्दर्यीकरण एवं वहां पर्यटकों की आवाजाही बढ़ाने के लिए विकास कार्यों को गति दी जाएगी। झील क्षेत्र में मलवा डालने वालों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी। यह निर्णय जिला कलक्टर विश्वमोहन शर्मा की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट में आयोजित जिला स्तरीय झील संरक्षण समिति की बैठक में लिया गया।
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जिला कलक्टर ने नगर निगम आयुक्त को निर्देशित किया कि वे आनासागर झील में मलवा डालने वालों पर नजर रखें तथा उनके खिलाफ कार्यवाही करें। झील से कचरा निकालने, नालों के पानी को सीवर लाइन से जोडऩे तथा सीवरेज ट्रीटमेन्ट प्लान्ट का पानी जो झील में आ रहा है उसकी क्वालिटी की जांच करने के भी निर्देश दिए गए। जिला कलक्टर ने कहा कि झील को अधिसूचित घोषित कर दिया गया है। ऐसे में झील क्षेत्र में यदि कोई कार्य कराया जाता है तो झील प्राधिकरण की स्वीकृति अवश्य ली जाए। Anasagar बैठक में उन्होंने सागर विहार के पास मिनी बर्ड सेंचूरी तथा पुरानी विश्राम स्थली पर बर्ड पार्क के संबंध में भी जानकारी प्राप्त की। बैठक में किशनगढ़ की गुंदोलाव झील (तालाब) को अधिसूचित करने के संबंध में सरकार को अनुशंसा भिजवायी गयी थी। जिसका पुन स्मरण कराने का निर्णय लिया गया। उन्होंने डीएलबी के माध्यम से तकनीकी सर्वे कराने के निर्देश भी दिए। बैठक में बताया गया आनासागर में डीविडिंग मशीन से सफाई कराई जा रही है। इसी प्रकार सागर विहार क्षेत्र में गंदे पानी का निकास अन्यत्र करने अथवा सीवर लाइन से जोडऩे के निर्देश दिए गए।
जिला कलक्टर ने आनासागर में मत्स्य विभाग की ओर से दिए जाने वाले ठेके को लेकर भी निर्देश दिए कि मछली पकडऩे वाला ठेकेदार किसी प्रकार का फटाके का उपयोग नहीं करेगा। मत्स्य विभाग द्वारा बताया गया कि इस बार एक करोड़ 46 लाख का ठेका हुआ है। मछलियों के लिए अच्छा खाद्यान्न डाला जा रहा है। बैठक में नगर निगम के आयुक्त चिन्मयी गोपाल, अतिरिक्त जिला कलक्टर कैलाश चंद लखारा, सहायक वन संरक्षक, जलदाय, एडीए, पर्यटन सहित संबंधित अधिकारीगण उपस्थित थे।
Published on:
11 Jul 2019, 12:00 PM IST
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