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सपनों का महल बचाने की जुगत, बैठ गए रेलवे ट्रेक पर ये लोग

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 rail track

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अजमेर.

डेडीकेटेड फ्रेट कॉरीडोर के तहत बिछाई जाने वाली नई रेलवे लाइन की जद में आने वाले प्रभावित परिवारों ने सुभाष नगर स्थित रेलवे लाइन पर बैठकर विरोध प्रदर्शन किया। मुआवजा विवाद की वजह से अपने मकान और भूखंड देने से इंकार करने वाले सैकड़ों लोगों ने ट्रेक पर बैठकर डीएफीसीसी और जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।

घर बचाओ संघर्ष समिति के सचिव शक्तिसिंह चौहान ने बताया कि जिला प्रशासन और डीएफसीसी ने शहरी क्षेत्र में स्थित रिहायशी मकानों और भूखंडों का मुआवजा डीएलसी दर से तय किया है। जबकि नए भू अवाप्ति कानून के तहत मुआवजा बाजार दर से दिया जाना है। उन्होने बताया कि अपने जीवन की जमा पूंजी खर्च कर मकान बनाने वाले गरीब परिवारों को उनके मकान का मुआवजा कौडिय़ों के माफिक दिया जा रहा है।

बेघर हो जाएंगे हम
लोगों कहना है कि इससे हम बेघर हो जाएंगे। जो मुआवजा मिल रहा है उससे रहने के लिए मकान तो क्या खाली भूखंड भी नहीं खरीदा जा सकता। चौहान ने बताया कि मुआवजा प्रकरण को लेकर अनेक मामले अदालतों में चल रहे हैं इसके बावजूद डीएफसीसी ने अनेक परिवारों को नोटिस जारी कर मकान खाली करने के आदेश दे दिए।

करनी थी कार्रवाई
प्रभावित परिवारों ने आरोप लगाया कि पुलिस प्रशाासन ने उन्हें आगाह किया था कि उनके मकान अवाप्त किए जाएंगे। लिहाजा सैकड़ों लोगों ने सुभाष नगर के बाहर सडक़ पर बैठकर विरोध प्रकट किया। इसके बाद इन प्रभावित परिवारों ने वहां से गुजर रही रेलवे लाइन पर भी बैठकर डीएफसीसी के खिलाफ प्रतीकात्मक विरोध प्रदर्शन किया।