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अजमेर शरीफ दरगाह में शिव मंदिर होने के दावे पर भड़के ओवैसी, बोले- दरगाह पिछले 800 सालों से यहीं है

Ajmer Sharif Dargah: पीएम मोदी और आरएसएस का शासन देश में कानून के शासन को कमजोर कर रहा है। ये सब बीजेपी-आरएसएस के निर्देश पर किया जा रहा है।
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अजमेर

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Alfiya Khan

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Updated: 28 Nov 2024, 12:38 PM IST

Aimim Asaduddin Owaisi on Ajmer Sharif Dargah: अजमेर। राजस्थान की अजमेर शरीफ दरगाह को शिव मंदिर बताने वाली हिन्दू सेना की याचिका को निचली अदालत ने मंजूर कर लिया है। इस मामले में मुस्लिम पक्ष कोर्ट के इस फैसले का विरोध कर रहा है। इस बीच एआईएमआईएम सांसद असदुद्दीन ओवैसी का भी बयान सामने आया है।

अजमेर दरगाह केस मामले पर एआईएमआईएम सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा- दरगाह पिछले 800 सालों से यहीं है। नेहरू से लेकर सभी प्रधानमंत्री दरगाह पर चादर भेजते रहे हैं। बीजेपी-आरएसएस ने मस्जिदों और दरगाहों को लेकर इतनी नफरत क्यों फैलाई है? पीएम मोदी भी वहां चादर भेजते हैं। निचली अदालतें प्लेस ऑफ वर्शिप एक्ट पर सुनवाई क्यों नहीं कर रही हैं? इस तरह कानून का शासन और लोकतंत्र कहां जाएगा? यह देश के हित में नहीं है। पीएम मोदी और आरएसएस का शासन देश में कानून के शासन को कमजोर कर रहा है। ये सब बीजेपी-आरएसएस के निर्देश पर किया जा रहा है।

कोर्ट ने 3 पक्षों को नोटिस किया जारी

गौरतलब है कि बुधवार को अजमेर सिविल न्यायालय पश्चिम ने अजमेर दरगाह में मंदिर होने का दावा करने वाली याचिका पर सुनावाई करते हुए कहा कि इससे संबंधित लोगों को नोटिस जारी किए जाएंगे। कोर्ट ने अल्पसंख्यक मंत्रालय, दरगाह कमेटी अजमेर और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग (ASI) को नोटिस देकर पक्ष रखने को भी कहा है। इस मामले में कोर्ट 20 दिसंबर को अगली सुनवाई करेगी।

यह भी पढ़ें: ‘अजमेर में दरगाह थी, है और रहेगी’, अंजुमन कमेटी के सरवर चिश्ती बोले- किसी की मुरादें पूरी नहीं होंगी

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