राजस्थान के अजमेर जिले में इस साल मानसून बीती जुलाई में ज्यादा मेहरबान रहा। वैसे जिले का औसत बरसात का आंकड़ा पूरा हो चुका है।
अजमेर। इस साल मानसून बीती जुलाई में ज्यादा मेहरबान रहा। अगस्त में अब 112.31 मिलीमीटर बरसात हुई है। हालांकि जिले का औसत बरसात का आंकड़ा पूरा हो चुका है। यह बीते वर्ष की तुलना में 84.52 प्रतिशत ज्यादा है।
यों तो जिले में जून के दूसरे पखवाड़े से ही मानसून की बरसात शुरु हो गई थी पर मानसून ने जुलाई के प्रथम सप्ताह में रफ्तार पकड़ी। जिले में 1 से 31 जून तक 91.07 मिलीमीटर बरसात हुई थी। इसके बाद 1 से 31 जुलाई तक हुई ताबड़तोड़ बरसात से आंकड़ा बढ़कर 510.66 मिलीमीटर तक पहुंच गया था।
अगस्त की शुरुआत होते ही मानसून की रफ्तार कुछ सुस्त हो गई। हालांकि कभी तेज बरसात तो कभी बौछारों का दौर चला। लेकिन 1 से 27 अगस्त तक महज 112.31 मिलामीटर ही बरसात हुई है। इससे औसत बरसात का आंकड़ा 622.97 मिलीमीटर तक पहुंच गया है।
पिछले साल मानसून अगस्त में ज्यादा मेहरबान था। 5 अगस्त को 103 मिमी, 6 अगस्त को 110 , 25 अगस्त 138.9 मिलीमीटर और 26 अगस्त को 59.5 मिमी बरसात हुई थी। केवल अगस्त में ही 453.4 मिलीमीटर बरसात हुई थी।
जून से सितंबर तक मानसून सक्रिय रहता है। इसकी अवधि 122 दिन तक होती है। इस साल मानसून के 88 दिन निकल चुके हैं। अभी 34 दिन और बचे हैं।
अजमेर 797, बूढ़ा पुष्कर 682, गोविन्दगढ़ 380, पुष्कर 632.5, नसीराबाद 1027.5, पीसांगन 463, मांगलियावास 498, गेगल 306.2, रूपनगढ़ 549, किशनगढ़ 565.3, श्रीनगर 482, बान्दरसिन्दरी 478, अरांई में 660, सरवाड़ तहसील 657, सरवाड़ पुलिस थाना 700, गोयला 823, केकड़ी 732, सावर 738 , भिनाय 666 मिलीमीटर