
राजस्थान का यह बस स्टैंड इतना बदहाल कि दंग रह गए अफसर
ब्यावर.
राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम के जोनल मैनेजर नरेन्द्र चौधरी बुधवार को ब्यावर पहुंचे और यहां आगार के मुख्य प्रबन्धक कार्यालय, वर्कशॉप व बस स्टैंड का निरीक्षण किया। साथ ही साफ सफाई व पीने के पानी के लिए पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए।
वर्कशॉप में बनाए गए टॉयलेट की व्यवस्थाओं को देखकर चौधरी ने यह तक कह दिया कि टेक्नीकल अफसर ही ऐसे जुगाड़ करेंगे तो क्या होगा? उन्होंने वर्कशॉप के दरवाजों को दुरस्त कराने व उनपर चिटकनी लगाने के साथ यहां बने शौचालय के आगे की तरफ एक दीवार खड़ी करने व दीवारों पर टाइल्स लगाने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि किसी भी दफ्तर में बाथरूम की स्थिति को देखकर अधिकारियों व कर्मचारियों के काम करने के तरीके का आकलन हो जाता है, इसलिए इन्हें स्वच्छ व सुन्दर रखने के लिए प्रयास किए जाए। मुख्य प्रबन्धक कार्यालय के बाहर लगे वाटर कूलर से फैल रहे पानी को लेकर भी नाराजगी जताई।
चौधरी ने यहां पाइप लगाकर ट्रे लगाने के निर्देश दिए, ताकि पानी नहीं फैले। साथ ही गर्मी को देखते हुए पीने के पानी का पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए। उन्होंने दीवारों व छतों से गिर रहे चूने को भी दुरस्त करने के लिए निर्देशित किया।
अब तो मोबाइल का जमाना
कार्यशाला की टाइम शाखा में लगे बेसिक फोन के बारे में चौधरी ने वहां मौजूद कर्मचारी से पूछा। इस पर कर्मचारी ने बताया कि फोन तो है, लेकिन अधिकांश खराब ही रहता है। इस पर चौधरी ने कहा कि यह तो मोबाइल का जमाना है और ऐसे में बिना उपयोग के हर माह बेसिक फोन पर खर्चा करना तो उचित नहीं। इस फोन को हटवाओ, बचत ही होगी।
बोर्ड बनाकर लगाओ सूचना पट्ट
मुख्य प्रबन्धक कार्यालय के बाहर दीवार पर कार्यालय आदेश के कागज चिपके हुए देखे तो चौधरी ने कहा कि दीवार की यह क्या हालत कर रखी है। इस पर अधिकारियों ने बताया कि यह सूचना पट्ट है और इस पर आदेश निर्देश लगाए जाते हैं। इस पर चौधरी ने कहा कि इनके लिए अच्छा सा एक बोर्ड बनाकर सूचना पट्ट लगाओ, ताकि अच्छा भी लगे और दीवार भी खराब नहीं हो।
यात्रियों को मिले सुविधाएं
चौधरी ने यहां खड़ी आगार की बस में चढ़कर सीटों आदि की व्यवस्थाएं देखी। उन्होंने फटी हुई सीटों को दुरस्त करने के निर्देश दिए। टायर की रिंग व शीशे साफ होने चाहिए, ताकि अच्छा असर पड़े।
नहीं कर पा रहे कंडम घोषित
कार्यशाला में एक बस को खड़ी देखकर चौधरी ने पूछा तो बताया कि यह बस कंडम हो चुकी है लेकिन कागजात नहीं होने के कारण इसे कंडम घोषित नहीं कर पा रहे हैं। इस पर चौधरी ने अपने निजी सहायक को विद्याधर नगर आगार से सम्पर्क कर गाड़ी के कागज मंगवाने के निर्देश दिए।
पर्चियों में न हो काट-छांट
चौधरी ने कार्यशाला में कहा कि यहां पर डीजल की पर्चियों में कोई काट-छांट तो नहीं हो रही। ऐसा होना भी नहीं चाहिए। उन्होंने वहां गाडिय़ों के धुलाई सम्बन्धी जानकारी भी ली। उन्होंने जगह-जगह डस्टबिन लगाने के निर्देश दिए। साथ ही चारदीवारी पर एंगल लगाकर की गई तारबंदी को भी दुरस्त करने के लिए पाबंद किया।
इसी माह मिलेगी नई मशीन
वर्तमान में बिना मशीन के चल रहे परिचालकों को नई मशीन देने के लिए पूछे जाने पर चौधरी ने कहा कि नई मशीन टच वाली है और इसी माह परिचालकों को मिल जाएगी। सभी कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
डीजल का हिसाब तो देना होगा
बसों की खस्ता हालत व चालकों से मांगे जा रहे डीजल के हिसाब पर चौधरी ने कहा कि डीजल का हिसाब तो देना ही होगा। डीजल बचत के लिए टायरों में हवा पर ध्यान दें, एयर क्लीनर व रेडियटर को साफ रखे।
कॉमर्शियल गतिविधियां होगी
चौधरी ने बताया कि रोडवेज बस स्टैंड पर पार्किंग स्टैंड के रूप में उपयोग में लाई जा रही जमीन पर कॉमर्शियल गतिविधियां संचालित होगी, ताकि आमजन को सुविधा मिल सके। इसके लिए प्रस्ताव बनाकर मुख्यालय भेजा गया है।
बनेगा यात्रियों के लगेज रूम
चौधरी ने कहा कि ब्यावर बस स्टैंड पर यात्रियों के लिए कोई लगेज रूम नहीं है, ऐसे में यात्रियों को परेशानी होती है। उन्होंने मुख्य प्रबन्धक को यहां पर एक छोटा सा लगेज रूम खोलने के लिए निर्देश दिए, ताकि यात्रियों को सुविधा मिले।
Published on:
25 Apr 2019 01:24 am
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