विद्यार्थी-शिक्षक अनुपात में पीछे
संकाय-विभागवार विद्यार्थी-शिक्षक अनुपात में राज्य के विश्वविद्यालय बहुत पीछे हैं। यहां 60 विद्यार्थियों पर 1 शिक्षक कार्यरत है। वहीं केंद्रीय विश्वविद्यालय में प्रति 25 विद्यार्थियों पर एक शिक्षक है। सरकारी कॉलेज के भी हाल बुरे हैं। अजमेर, कोटा, बीकानेर, सीकर जैसे बड़े राजकीय महाविद्यालयों को छोड़कर अन्य कॉलेज में 80 से 100 विद्यार्थियों पर एक शिक्षक कार्यरत है। दो सत्रों में नए खुले कॉलेज में तो प्राचार्य तक नहीं हैं।