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राजस्थान में चलेगा गुजरात फार्मूला, सॉफ्ट हिंदुत्व पर रहेगा फोकस

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congress formula in election

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अजमेर.

गुजरात में सॉफ्ट हिंदुत्व के फार्मूले को आजमा कर अपना मत प्रतिशत बढ़ा चुकी कांग्रेस राजस्थान में भी इसी फार्मूले का प्रयोग कर सकती है। सॉफ्ट हिंदुत्व फार्मूले के तहत कांग्रेस अपने परंपरागत वोट बैंक की बजाय गैर परंपरागत जातियों को साधने की जुगत में है। शीर्ष नेतृत्व इस मुद्दे पर गहन मंथन कर रहा है। फार्मूले के तहत अल्प संख्यक दावेदारों के स्थान पर बदलाव के संकेत हैं। हालाकि वंचित को अन्य स्थान पर एडजस्ट किया जाएगा।

कांगेस के इस बदलाव से यह संकेत देना चाहती है कि कांग्रेस अल्पसंख्यक होने की छवि से बाहर निकलना चाहती है। विपक्षी लगातार कांग्रेस पर तुष्टिकरण का आरोप लगाते रहे हैं जिससे अन्य जातियोंं का विमुख हो कर अन्य पार्टी में धु्रवीकृत हो गई है।

घट सकती हैं अल्प संख्यक सीटें

राजनीतिक जानकारों की मानें तो कांग्रेस अपनी बदली हुई रणनीति के तहत इस बार केवल दो ही सीटें अल्पसंख्यक को को दे सकती हैं जबकि 2013 में हुए विधानसभा चुनाव में 16 और 2008 में हुए विधानसभा चुनाव में पार्टी ने 17 मुसलमानों को टिकट दिए थे।

हालांकि यह बात और है कि बीते विधानसभा में सभी 16 प्रत्याशियों को प्रचंड मोदी लहर के चलते हार का सामना करना पड़ा। सीटें कम करने को चल रही कवायद के तहत सभी 16 सीटों पर हार से जोडकऱ देखा जा रहा है ।

आगामी विधानसभा चुनाव में अल्पसंख्यक खासतौर पर मुसलमानों के प्रतिनिधित्व में कटौती के संकेत हैं। इसका अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि अल्पसंख्यक प्रतिनिधित्व वाली कई सीटों पर अन्य समाजों के लोग शिद्दत से दावेदारी ठोक रहे हैं।

कहीं और करेंगे एडजस्ट

हालांकि ऐसा कतई नहीं है कि कांग्रेस पार्टी अल्पसंख्यक सीटों में कटौती कर पंरपरागत वोट बैंक से पीछा छुड़ाना चाहती है। बल्कि पार्टी में इस बात पर भी गहन मंथन चल रहा है कि विधानसभा चुनाव में सीटें कम कर के पार्टी अल्पसंख्यक वर्ग की नाराजगी मोल नहीं लेना चाहती। ऐसे अल्पसंख्यक वर्ग को बोर्ड, निगम, निकाय सहित राज्य सभा सीट देने पर भी चर्चा चल रही है। शीर्ष नेतृत्व यह संकेत भी देगा कि कांग्रेस की सरकार बनने पर अल्पसंख्यकों को सकारात्मक प्रतिनिधि दिया जाएगा।

राजनीतिक सूत्रों के अनुसार अजमेर से कांग्रेस नेताओं जिनमें अल्पसंख्यक नेता व दिल्ली के कुछ उलेमा भी शामिल बताए गए हैं, ने एआईसीसी के कोषाध्यक्ष अहमद पटेल से मुलाकात कर उक्त आशय का फीडबैक दिया। प्रदेश सहित अजमेर जिले की पुष्कर सीट पर भी बदलाव की मांग की।