4 सितंबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

उसने मासूम को बनाया था अपनी गंदी नियत का शिकार , कोर्ट ने सुनाई ये सजा

www.patrika.com/ajmer-news
2 min read
Google source verification
court announced life imprisonment to man who rapped with innocent

उसने मासूम को बनाया था अपनी गंदी नियत का शिकार , कोर्ट ने सुनाई ये सजा

अजमेर.एससीएसटी न्यायालय के विशिष्ट न्यायाधीश ने सोमवार को सुनाए एक फैसले में नाबालिग से दुराचार के अभियुक्त संजय सिंह उर्फ सुरेन्द्र को उम्रकैद व 1.30 लाख रुपए जुर्माना तथा पीडि़ता को भगाने में सहायता करने की आरोपित महिला मंजू व सुरेन्द्र को दो वर्ष के कारवासा व 10 हजार रुपए जुर्माने से दंडित किया।


घटना के तथ्य ब्यावर सदर थाने में पीडि़ता के पिता ने 22 नवम्बर 2015 को रिपोर्ट लिखाई कि उसकी 16 वर्षीय पुत्री नाबालिग है तथा वह अपने साथ चांदी व सोने के जेवर ले गई है। पुलिस ने शिकायत के के बाद 13 दिसम्बर 2015 को पीडि़ता को जयपुर से बरामद किया।

पीडि़ता ने पुलिस को बताया कि घर से सिलाई की दुकान पर जा रही थी तभी रास्ते में पड़ौसी मंजू ने उसे घर पर बुलाया व खाने को हलवा दिया जिससे वह बेहोश हो गई। इसके बाद मंजू ने सुरेन्द्र नाम युवक को बुलाया जो पीडि़ता को गाड़ी में बैठा कर सिंगाडिय़ा रोड के जंगलों में ले गया जहां उसे मंजू व संजय उर्फ सुरेन्द्र ने उसे आईसक्रीम खिलाई जिससे वह बेहोश हो गई। आरोपितों पर पीडि़ता कोजयपुर के एक मकान में रखकर उसके साथ दुराचार करने का आरोप है। अभियोजन पक्ष की ओर से सरकारी वकील पंकज जैन ने 9 गवाह व 30 दस्तावेज पेश किए।

अदालत ने फैसले में टिप्पणी करते हुए लिखा कि आरोपित ने पड़ौसी होने के नाते आरोपितों पर विश्वास किया और आरोपित उसे बहला फुसला कर ले गए जहां 15 -20 दिन उसके साथ दुराचार किया। आरोपित मंजू ने भगाने में सहायता की। आरोपितों ने विश्वास का गलत फायदा उठाया। नाबालिग पीडि़ता के साथ घिनौनी हरकत की। वर्तमान में बच्चियों के साथ अपराध की घटनाएं हो रही हैं जिससे समाज में अव्यवस्था फैल रहीह ै। ऐसी स्थिति में अपराधियों को दंडित किया जाना जरुरी है।


यह सुनाई सजा - आरोपित मंजू को धारा 363 व 120 बी में दो वर्ष व 10 हजार रुपए जुर्माना।

- आरोपित सुरेन्द्र पुत्र बीरम सिंह को 363 व 120 बी में दो वर्ष कठोर कारावास व 10 हजार रुपए जुर्माना, धारा 342 में एक वर्ष व एक हजार रुपए, धारा 354 क केतहत तीन वर्ष कारावास 10 हजार रुपए, पोक्सो कानून के तहत 3 वर्ष का कारावास व दस हजार रुपए जुर्माना कुल जुर्माना 31 हजार रुपए।

आरोपित संजय सिह उर्फ सुरेन्द्र पुत्र खीम सिंह को धारा 363 व 120 बी में दो वर्ष व 10 हजार रुपए जुर्माना, 366 में सात वर्ष कठोर कारावास व 10 हजार रुपए,धारा 344 में तीन वर्ष व दस हजार रुपए तथा धारा 376 दो आईएन में उम्रकैद व 50 हजार रुपए व पोक्सो कानून में उम्रकैद व 50 हजार रुपए जुर्माना। कुल जुर्माना 1.30 लाख रुपए।