
khawaza sahib urs ajmer
अजमेर.
सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती के 807वें उर्स का झंडा 3 मार्च को चढ़ेगा। इसके साथ ही उर्स की औपचारिक शुरुआत हो जाएगी। उर्स विधिवत रूप से रजब का चांद दिखाई देने पर 7 या 8 मार्च से शुरू होगा। उर्स के दौरान ख्वाजा साहब की दरगाह स्थित जन्नती दरवाजा 6 दिन के लिए खोला जाता है।
इस्लामिक माह जमादिल आखिर का चांद देखने के लिए मंगलवार को दरगाह कमेटी कार्यालय में हिलाल कमेटी की बैठक हुई। इस दौरान कहीं भी चांद नजर आने की सूचना नहीं मिली। अब बुधवार को चांद दिखना तय है। इस हिसाब से 12 फरवरी को ख्वाजा गरीब नवाज की महाना छठी होगी और 3 मार्च को उर्स का झंडा चढ़ाया जाएगा।
यह है झंडे की रस्म
ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह के बुलंद दरवाजे पर भीलवाड़ा का लाल मोहम्मद गौरी परविार की ओर से झंडे की रस्म अदा की जाती रही है। कव्वाली और बैंडबाजे के साथ भीलवाड़ा का गौरी परिवार दरगाह पहुंचेगा। इस दौरान 25 तोपों की सलामी दी जाएगी। उर्स के मौके पर झण्डा चढ़ाने की रस्म गौरी परिवार वर्ष 1944 से निभाता आ रहा है। इस रस्म से उर्स के औपचारिक आगाज का एलान किया जाता है।
Updated on:
06 Feb 2019 07:33 am
Published on:
06 Feb 2019 07:33 am
