
new project in ajmer
रक्तिम तिवारी/अजमेर. अजमेर में मुंह के कैंसर (mouth cancer) की पहचान, नैनो टेक्नोलॉजी (neno technology) और सौर ऊर्जा (solar energy)पर शोध कार्य शुरू होंगे। इंजीनियरिंग कॉलेज बड़लिया को अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद की राष्ट्रीय परियोजना कार्यन्वयन इकाई के तहत अहम प्रोजेक्ट मिले हैं। इनमें देश के विभिन्न आईआईटी और एनआईटी के प्रोफेसर भी शोध कार्य में सहयोग देंगे।
अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (aicte) की राष्ट्रीय परियोजना कार्यन्वयन इकाई ने देशभर के इंजीनियरिंग कॉलेज से टेक्यूप योजनान्तर्गत कार्यरत शिक्षकों से प्रोजेक्ट मांगे थे। योजनान्तर्गत प्रत्येक आवेदित प्रोजेक्ट के लिए आईआईटी (IIT), एनआईटी (NIT) अथवा समकक्ष के प्रोफेसर को सहयोग आवश्यक है।
इस योजना में देश के 400 तकनीकी रिसर्च प्रोजेक्ट के लिए 50 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। इंजीनियरिंग कॉलेज बड़लिया (engineering college) ने चालीस प्रोजेक्ट में आवेदन किया था। इसमें से अहम प्रोजेक्ट स्वीकृति मिली है। यह 1 करोड़ रुपए से ज्यादा के प्रोजेक्ट हैं। इसमें 60 प्रतिशत राशि उपकरणों की खरीद और 40 प्रतिशत राशि शोध के लिए खर्च होगी।
यह प्रोजेक्ट स्वीकृत
-नैनो टेक्नोलॉजी
-ऑप्टिकल डिवाइस
-बायो मेडिकल सिग्नल डिटेक्शन
-सोलर टेक्नोलॉजी
-मेटेरियल टेक्नोलॉजी
-पैटर्न एनालिसिस एवं ई-लर्निंग
-रिन्युएबल एजनर्वी-एन्टीना टेक्नोलॉजी
-कैंसर डिटेक्शन टेक्नोलॉजी
इन विभागों में होगा शोध
ईआईसी विभाग के अतुल शर्मा नैनो टेक्नॉलीज (neno technology)से संबंधित प्रोजेक्ट पर काम करेंगे। बैड गैप ऑप्टिमाइजेशन ऑफ सीएनअी फिल्म फॉर नैनो ऑप्टिकल एंटीना एंड अदर ऑप्टो इलेक्ट्रॉनिक्स डिवाइस के लिए 10 लाख रुपए स्वीकृत
(निरीक्षक- एमएनआईटी जयपुर की प्रो ऋतु शर्मा, डॉ. के. के. शर्मा एवं एनआईटी सिल्चर के प्रो. अनूप शर्मा)
इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्यूनिकेशन विभाग डॉ. दिवाकर गौतम मुंह के कैंसर (mouth cancer) के डिटेक्शन से संबंधित प्रोजेक्ट पर काम करेंगे। एम्पावर रूरल मेडिकल सर्विसेज यूजिंग ए कंप्यूटर एडेड डाइग्नोस्टिक डीप लर्निंग मॉडल फॉर ओरल कैंसर प्रोजेक्ट के लिए 1.65 लाख हजार रुपए स्वीकृत।
(निरीक्षक-एमएनआईटी जयपुर के प्रो. मुस्तफा अहमद)
फिजिक्स विभाग के डॉ. गौरव शर्मा आईटी एप्लीकेशन (IT Application) से संबंधित प्रोजेक्ट पर काम करेंगे। डिजाइन एंड डवेपलमेंट ऑफ पैच एंटीना फॉर मॉडर्न डे आईओटी एप्लीकेशन प्रोजेक्ट के लिए 1.35 लाख रुपए स्वीकृत।
ईआईसी विभाग के राज कुमार यादव आईओटी एप्लीकेशन (IOT Application)से संबधित प्रोजेक्ट पर कार्य करेंगे। ऐन एफिशियंट सोलर पीवी बेस्ड हाइब्रिड मल्टी आउटपुट कनवर्टर फॉर स्टैंड अलोन प्रोजेक्ट के लिए 13 लाख रुपए स्वीकृत। (निरीक्षक-एमएनआईटी की प्रो. प्रीति सक्सेना,अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के प्रो. आदिल सरवार)
ईआईसी विभाग के डॉ. रमेश कुमार मीणा बायो सिग्नल डिटेक्शन (bio signal detection) से संबंधित प्रोजेक्ट पर कार्य करेंगे। एडेप्टिव बायो इम्पीडेंस बेस्ड मॉनिटरिंग सिस्टम फॉर मेडिकल-इंडस्ट्रियल एप्लीकेशन प्रोजेक्ट के लिए 4 लाख रुपए स्वीकृत। (निरीक्षक-एनआईटी जलंधर के डॉ. सरवन कुमार पाहूजा सरवार निरीक्षक)
ईआईसी विभाग दिवाकर कुमार नैनो टेक्नोलॉजी (neno technology) युक्त वाटर प्यूरीफिकेशन प्रोजेक्ट पर काम करेंगे। डिटेक्शन ऑफ हैवी मेटल्स इन वाटर बाई नैनो सेंसर इलेक्ट्रोड्स प्रोजेक्ट के लिए 12 लाख 32 हजार रुपए स्वीकृत।
(निरीक्षक- एमएनआईटी जयपुर की प्रो. ऋतु शर्मा, डॉ.के.के. शर्मा, सिल्चर के प्रो. अनूप शर्मा)
इलेक्ट्रिकल विभाग के डॉ. एन.के. गुप्ता रिन्युएबल एनर्जी (renewable energy) प्रोजेक्ट पर काम करेंगे। ऑप्टिमल स्केडूलिंग ऑफ माइक्रो ग्रिड विद हाई रिन्युएबल पेनेट्रेशन प्रोजेक्ट के लिए 8 लाख 18 हजार रुपए स्वीकृत।
(निरीक्षक-एमएनआईटी जयपुर के प्रो. आर. ए. गुप्ता)
कंप्यूटर विभाग के सतीश कुमार रे डाटा एनालिसिस प्रोजेक्ट (data analaysis project) पर काम करेंगे। पैटर्न एनालिसिस एंड नॉलेज डिस्कवरी इन ई-लर्निंग प्लेटफार्म यूजिंग माइनिंग एंड बिग डाटा फ्राम प्रोजेक्ट के लिए 10 लाख रुपए स्वीकृत।
(निरीक्षक एमएनआईटी जयपुर के प्रो. पिल्ली इम्यूनुएल शुभाकर और वीजीटीआई मुंबई के प्रो. वैभव धोरे)
मेकेनिल विभाग के डॉ. जयशिन मेटेरियल टेक्नोलॉजी प्रोजेक्ट (material technology) पर कार्य करेंगे। डवेलपमेंट ऑफ वैक्यूमाइज्ड अब्रेसिव फिनिशिंग सेटअप फॉर फिनिशिंग कॉम्पल्किेटेड सर्फेस यूजिंगद नॉवेल अब्रेसिव मीडिया प्रोजेक्ट के लिए 11 लाख 38 रुपए स्वीकृत।
(निरीक्षक एमएनआईटी जयपुर के प्रो. हरलाल सिंह माली)
मेकेनिल विभाग के जगबीर सिंह परफॉरमेंस एन्हांसमेंट (solar energy) ऑफ फ्लैट प्लेट सोलर कलेक्टर यूजिंग ऑर्टिफिशियल इंटीग्रेटेट प्रोजेक्ट पर काम करेगे। 10 लाख 27 रुपए स्वीकृत।
(निरीक्षक-वीजीटीआई मुंबई के प्रो. एम. पी. गुलहाने और एमएनआईटी जयपुर के प्रो. जी. डी. अग्रवाल)
कॉलेज को मिले प्रोजेक्ट देश के तकनीकी, चिकित्सा और उच्च शिक्षा में अहम साबित होंगे। इनसे नई शोध अवधारणा और तकनीकी विकास में सहयोग मिलेगा। अजमेर एक तकनीकी शिक्षा हब के रूप में सामने आएगा।
डॉ. उमाशंकर मोदानी, प्राचार्य इंजीनियरिंग कॉलेज बड़लिया
Published on:
14 Nov 2019 02:15 pm
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