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मदहोशी में गर्क मासूम बचपन

पत्रिका मुद्दा : किशोर नशे के लिए सोल्यूशन और नशीले इंजेक्शन का कर रहे है इस्तेमाल, कुछ दिन की कार्रवाई के बाद जिम्मेदार भी मोड़ लेते है मुंह
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अजमेर

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Manish Singh

Nov 23, 2019

मदहोशी में गर्क मासूम बचपन

मदहोशी में गर्क मासूम बचपन

मनीष कुमार सिंह. अजमेर(Ajmer news).

पढऩे-लिखने और जीवन संवारने की उम्र में बच्चों को नशा अपनी गिरफ्त में ले रहा है। खानाबदोशी की आड़ में शहर में बड़ों के साथ बच्चे बेरोक टोक घातक मादक पदार्थो का सेवन कर रहे हैं। नशे पर नजर रखने वाली संस्थाओं के तमाम प्रयासों को बावजूद इनको रोकने में नाकाम है। उनके अभियान चलते है और कुछ दिन बाद उसकी इतिश्री हो जाती है लेकिन शहर के सड़क चौराहों पर मदहोशी में भटकती भावी पीढ़ी को सही दिशा दिखाने वाला कोई नहीं है।


शहर का दरगाह अन्दरकोट क्षेत्र, लौंगिया मोहल्ला, नई सड़क, बजरंगगढ़ चौराहा, गांधी भवन, तोपदड़ा और रेलवे स्टेशन क्षेत्र में भटकते खानाबदोश किशोर नशे की गिरफ्त में जकड़े हुए है। राजस्थान पत्रिका टीम ने बुधवार को इन क्षेत्रों में बने नशे के अड्डों (ठौर) पर नजर डाली तो कड़वा सच सामने आया। यहां १२ से १६ साल उम्र के किशोर सोल्यूशन (सफेद इंक में इस्तेमाल होने वाला पदार्थ) और नशे के इंजेक्शन लेते नजर आए। हालांकि कुछ ने कैमरा देख दीवार की आड़ ले ली तो कुछ ने दौड़ लगा ली। वहीं जब किशोर

केस-1
दरगाह क्षेत्र में दीवान साहब की हवेली के पास बुधवार को एक युवक राह चलते सोल्यूशन का नशा करता नजर आया। नशे में गिरता पड़ता युवक आगे चलता रहा और कपड़े में नशे की शीशी छुपा रखी थी। जैसे ही कैमरे पर नजर पड़ी, इधर उधर हो गया।

केस-2

लाखन कोटड़ी क्षेत्र में नशेडिय़ों व जेबतराशों ने क्षेत्र के खंडहर और खाली पड़े मकानों को अड्डा (ठिया) बना रखा है। बुधवार को पत्रिका टीम पहुंची तो एकबारगी यहां मौजूद किशोर डर गए लेकिन जब उन्हें नशा मुक्ति केन्द्र से आना बताने पर उन्हें पीछे छीपा कर रखा नशीला इंजेक्शन बाहर निकाल लिया।

केस-3

शहर के मुख्य चौराहा बजरंगगढ़ चौराहा भी खानाबदोश व नशेडिय़ों का जंक्शन है। यहां पर सैकड़ों की संख्या में मौजूद किशोर नशे की गिरफ्त में है। खास बात यह है कि मार्ग से रोजना पुलिस और प्रशासन के औहदेदार अफसर, नेता गुजरते है लेकिन किसी ने भी यहां नशे की गिरफ्त में आ चुके बच्चों पर गौर नहीं किया।

खानाबदोशी की आड़ में नशा

शहर के अधिकांश क्षेत्र में नशे का कारोबार खानाबदोशी की आड़ में पनप रहा है। मादक पदार्थ तस्कर इन्हीं खानाबदोश किशोरों के दम पर अपना नशे का कारोबार चलाते है। बदले में उन्हें चंद रुपए व नशे की पुडिय़ा थमा दी जाती है। नशा नहीं मिलने पर जेबतराशी और चोरी जैसी वारदातों को अंजाम देते हंै।

इनका कहना है...

सही है किशोरों में सोल्यूशन के नशे की समस्या है। इसको बंद किया जाना भी संभव नहीं है। समय-समय पर व्यापारियों को व्यक्ति देखकर सोल्युशन बिक्री करने के लिए जागरूक किया है। इन्जेक्शन के नशे को ट्रेक करने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस लगातार प्रयासरत है।

-कुंवर राष्ट्रदीप, पुलिस अधीक्षक अजमेर