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Innovation: बिहार के बाद अब राजस्थान में होगी यह शुरुआत….

सर्वोच्च पायदान तक समाज ने उन्हें बहुत कुछ दिया है। अब इसे वापस लौटाना उनकी नैतिक जिम्मेदारी है।
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अजमेर

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raktim tiwari

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Updated: 13 Oct 2020, 9:02 PM IST

special coaching class

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अजमेर.

बिहार के बाद राजस्थान में युवाओं-विद्यार्थियों को पढऩे का बेहतरीन अवसर मिलने वाला है। राज्य के दो सर्वोच्च संस्थानों के मुखिया इसकी शुरुआत करने जा रहे हैं। वे विद्यार्थियों की जरूरी आवश्यकताओं को अपने खर्चे पर पूरा करेंगे। इन विद्यार्थियों का चयन भी वे अपने तय मानकों के अनुसार करेंगे।

समाज को कुछ लौटाने की चाह..
दोनों अफसरों की मानें तो विद्यार्थी जीवन से सर्वोच्च पायदान तक समाज ने उन्हें बहुत कुछ दिया है। अब इसे वापस लौटाना उनकी नैतिक जिम्मेदारी है। लिहाजा दोनों ने एक नई शुरुआत का फैसला किया है। वे जल्द जयपुर में सामाजिक दायित्व की नींव रखेंगे।

विद्यार्थियों को होगा फायदा
पढऩे वाले विद्यार्थियों को इनकी शुरुआत से फायदा हेागा। दोनों कुछ बिंदुओं-मानकों पर युवाओं का चयन कर उन्हें पढ़ाएंगे। वे विद्यार्थियों को बताए बगैर उनकी किताबें-कॉपियों और जरूरी आवश्यकताओं को अपने खर्चे पर पूरा करेंगे। दोनों जल्द इसकी योजना बनाकर काम शुरु करेंगे।

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17 अक्टूबर से शुरू होंगे व्रत और त्यौंहार

अजमेर. आसोज अधिक मास में व्रत-त्यौंहारों की धूम शुरू होने वाली है। नवंबर तक विभिन्न त्यौंहार, व्रत-उपवास और अन्य धर्मों के कार्यक्रम होंगे। ऋतु परिवर्तन के साथ खान-पान और पहनावा में बदलाव होगा। शुभ मुर्हूत में वैवाहिक कार्यक्रम भी होंगे।

17 अक्टूबर को शारदीय नवरात्र प्रारंभ होंगे। घरों-मंदिरों में विधि विधान से घट स्थापना होगी। इसके साथ ही धार्मिक कार्यक्रमों की विधिवत शुरूआत होगी। लोग नौ दिन तक व्रत और उपवास रखकर दुर्गा मैया की अराधना करेंगे। विजयदशमी पर घरों में मिठाई-पकवान बनाए जाएंगे। 25 अक्टूबर को विजयदशमी (दशहरा) मनाई जाएगी। कोरोना संक्रमण के चलते रावण दहन और रामलीला मंचन कार्यक्रम नहीं होंगे।

31 अक्टूबर को शरद पूर्णिमा होगी। इसके बाद 4 नवंबर को सुहागिनें-महिलाएं करवा चौथ का व्रत रखेंगी। 8 नवंबर को अहोई अष्टमी, 12 नवंबर को गौवत्स द्वादशी होगी। 13 नवंबर को धनतेरस, 14 को दीपावली पूजन होगा। 15 नवंबर को गोवद्र्धन पूजन और 16 नवंबर को भाईदूज मनाई जाएगी। 20 नवंबर को छठ पूजन, 22 को गोपाष्टमी होगी। 25 नवंबर को कार्तिक एकादशी होगी। चार माह बाद वैवाहिक और अन्य कार्यक्रम शुरू होंगे। 29 नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा का व्रत होगा। यह माह ऋतु परिवर्तन के लिहाज से भी अहम होता है। धीरे-धीरे सर्दी दस्तक देने लगती है।