पूर्व प्रधानमंत्री वाजपेयी से आत्मीयता इतनी थी कि जाजू उनके बारे में कुछ बोल नहीं पाए। उन्होंने 6 अक्टूबर 2002 को वाजपेयी की ओर से पोस्ट किया गया पत्र भेज दिया। वाजपेयी ने पत्र में लिखा कि बहुमुखी प्रतिभा के धनी रामनिवास जाजू औद्योगिक क्षेत्र में एक जानी-मानी हस्ती तो हैं ही उन्होंने कला, साहित्य और संस्कृति के विविध आयामों पर भी अपने आपको एक विख्यात कवि के रूप में प्रतिष्ठित किया है।