योजनाओं में बिजली पहुंची ना पानी, कैसे हो विकास

एडीए के चक्कर लगा रहे आवंटी, जानकारी देने वाला भी कोई नहीं

पृथ्वीराज नगर, डीडीपुरम, महाराणा प्रताप, पंचशील ई-ब्लॉक योजना का हाल

वर्षों से लम्बित चल रहा मामला

अजमेर. करीब 10 साल से अपने आशियाने का सपना संजोए लोगों को छत तो छोड़ जमीन भी नसीब नहीं हुई है। अजमेर विकास प्राधिकरण की जिन योजनाओं scheem, को वर्षों पहले आबाद होना था वहां पानी water -बिजली electricity भी नहीं पहुंच पाई है। इसके लिए सरकारी महकमों के बीच कागजी घोड़े दौड रहे हैं लेकिन कोई नतीजा निकलता नजर नहीं आ रहा है। प्राधिकरण एक तरफ नई आवासीय तथा व्यावसायिक योजनाओं को लांच करने की तैयारी कर रहा है वहीं वर्षो पहले योजनाएं मूलभूत सुविधाएं के अभाव में वीरान पड़ी हैं।

प्राधिकरण की चार योजनाएं हैं जहां ना तो बिजली पहुंची है और ना पानी। ऐसे में जिन्हें भूखंड मिल चुके हैं वे भी मकान का निर्माण भी नहीं कर पा रहे हैं। आवंटियों को यह सुविधाएं कब तक मिलेंगी प्राधिकरण में यह जानकारी देने वाला भी कोई नहीं है। प्राधिकरण से वर्षों पहले भूखंड लेने वाले सैकड़ों आवंटियों को तो अब तक उनके भूखंडों का कब्जा ही नहीं मिला है। वहीं जिन खातेदारों की भूमि अवाप्त कर प्राधिकरण ने योजनाएं निकाली उनमें से पचास फीसदी खातेदार अपनी जमीन के बदले जमीन दिए जाने व मुआवजे का इंतजार कर रहे हैं।
पृथ्वरीराज नगर योजना

वर्ष 2005 में माकड़वाली, चौरसियावास व आसपास के गांवों की 1100 बीघा भूमि अवाप्त की गई। 2007 में 1100 प्लॉट की यह योजना लॉंच की गई। 60 फीसदी खातेदारों को भूमि के बदले भूमि दी जा चुकी है। 40 फीसदी को अभी भी इंतजार है, मुआवजा भी नहीं मिला है। योजना के आधे भाग में बिजली पहुंची है जबकि इस योजना में पाइप लाइन अब तक नहीं डाली जा सकी।
डीडीपुरम योजना

योजना के लिए वर्ष 2009 में 2300 बीघा भूमि अवाप्त की गई। इसमें 1600 बीघा सरकारी व 800 बीघा खातेदारी भूमि है। 4000 से अधिक भूखंड के साथ योजना वर्ष 2012 में लांच हुई। 50 फीसदी से अधिक खातेदारों को भूमि के बदले भूमि नहीं मिली। इसके चलते इस योजना के 4 ब्लॉक में विवाद चल रहा है। खातेदार खेती कर रहे है, लीज मुक्ति की भी मांग की जा रही है। योजना में न पानी पहुंचा और न बिजली।
पंचशील ई-ब्लॉक

पंचशील-ई ब्लॉक आवासीय योजना में 6 साल बाद भी पानी नहीं पहुंचा सका। प्राधिकरण के अनुसार इस योजना में सड़क, बिजली, सीवर लाइन तथा पानी की पाइन लाइन समय पर डाली जाएगी लेकिन 6 साल बाद भी यह योजना प्यासी है, इससे योजना का विकास नहीं हो पा रहा है। इस योजना में 238 भूखंडों की लॉटरी पांच वर्ष पूर्व निकाली गई थी। वर्तमान में यहां सीवर लाइन डालने का काम चल रहा है लेकिन पानी के अभाव में इसका उपयोग संभव नहीं है।
महाराणा प्रताप नगर

सरकारी भूमि पर काटी गई महाराणा प्रताप नगर योजना के आधे भाग में बिजली पानी पहुंच चुका है। लेकिन जलदाय विभाग शेष भाग में पानीं पहुंचाने के लिए राशि की मांग कर रहा है। जहां पानी की सप्लाई हो रही है वहां प्रेशर कम है। वहीं ब्यावर रोड पर वर्ष 2011 में कम आय वर्ग के लोगों के लिए लांच की गई अफोर्डेबल हाउसिंग योजना योजना में बिजली पहुंचाने का काम चल रहा है, लेकिन पानी कब आएगा पता नहीं।
विजयराजे में सीवरेज का काम रोका

प्राधिकरण की विजयाराजे नगर योजना में बिजली, पानी नहीं पहुंचा है। नालियां भी नहीं बनाई गई है। हाल ही में प्राधिकरण ने इस योजना में सीवर लाइन डालने का ठेका दे दिया था लेकिन इसे निरस्त करना पड़ा।
इनका कहना है

योजनाओं में पानी पहुंचाने के लिए पीएचईडी से बात की जा रही है। महाराणा प्रताप नगर में पानी पहुंचाने के तकमीने में कमी आई है। पहले 12 करोड़ मांग जा रहे थे अब यह काम 6 करोड़ में होगा।
गौरव अग्रवाल, आयुक्त अजमेर विकास प्राधिकरण

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bhupendra singh Reporting
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