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बारादरी पर पर्यटक नहीं, सिर्फ सन्नाटा. . .!

ऑफलाइन टिकट बंद होने से पर्यटकों की नहीं रुचि इन दिनों 40-50 ही पहुंच रहे, पहले 800 से अधिक की रहती थी तादाद
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अजमेर

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Heemanshu Dhawal

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Updated: 27 Sep 2020, 4:42 PM IST

बारादरी पर पर्यटक नहीं, सिर्फ सन्नाटा. . .!

बारादरी पर पर्यटक नहीं, सिर्फ सन्नाटा. . .!

अजमेर. आनासागर स्थित बारादरी पर फिलवक्त ऑनलाइन टिकट से ही प्रवेश दिए जाने से यहां आने वालों का आंकड़ा जमीन पर आ गया है। ऑफ लाइन टिकट व्यवस्था काफी समय से बंद है। ऑनलाइन टिकटिंग के चलते प्रतिदिन बमुश्किल 40-50 पर्यटक ही बारादरी पर पहुंच रहे हैं। जबकि कोरोना से पहले इनकी तादाद 600 से 1000 के बीच होती थी।
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के नियंत्रण में आने वाले बारादरी पर कोरोना संक्रमण के चलते 22 मार्च से प्रवेश बंद कर दिया गया था। इसके बाद जून माह में ऑनलाइन टिकट लेने पर प्रवेश प्रारंभ किया गया। विभाग की ओर से इसके लिए कोई प्रचार-प्रसार भी नहीं किया गया। अलबत्ता मुख्यद्वार पर एएसआई की ओर से क्यूआर कोड के साथ ‘स्कैन एण्ड पे’ का बोर्ड लगा रखा है। पर्यटक यहां पर लगे क्यूआर कोड से टिकट का ऑनलाइन भुगतान कर बारादरी में प्रवेश करते हैं। जिनकी संख्या नाममात्र ही है। विभाग की ओर से फिलहाल ऑफलाइन टिकट की व्यवस्था बंद होने से ज्यादा पर्यटक नहीं पहुंच पा रहे। कई पर्यटक तो पूछताछ कर ही वापस लौट जाते हैं।

एक मई से प्रारंभ हुआ था टिकट
बारादरी पर एक मई 2019 से टिकट वसूलना प्रारंभ किया था, जिसे 11 जून को बंद कर दिया गया। इसके बाद 20 जनवरी 2020 से टिकट वसूलना प्रारंभ किया गया था। इससे बारादरी पर पर्यटकों की आवाजाही में इजाफा हुआ था।

पिछले कुछ दिनों से बढ़ी पर्यटकों की आवाजाही

बारादरी में जून माह से ही ऑनलाइन टिकट लेने पर प्रवेश प्रारंभ कर दिया गया था, लेकिन जून, जुलाई और अगस्त माह में चंद पर्यटकों की आवाजाही हुई। पिछले दिनों दरगाह खुलने से पर्यटकों की आवाजाही फिर से शुरु हुई है। इससे इसमें भी इजाफा होने लगा है।

इनका कहना है...
बारादरी पर ऑनलाइन टिकट लेने पर प्रवेश दिया जा रहा है। वर्तमान में ऑफलाइन टिकट की व्यवस्था बंद है। टिकट की प्रकिया ऑनलाइन होने के कारण कितने पर्यटक आ रहे हैं इसका रिकॉर्ड हमारे पास नहीं है।

- देवव्रत
कनिष्ठ संरक्षण सहायक,एएसआई अजमेर