
abhay command center
रक्तिम तिवारी/अजमेर.
शहर का विस्तार अब कायड़, लोहागल, बड़ल्या तक हो चुका है। कई शैक्षिक संस्थान और सरकारी दफ्तर इन इलाकों में हैं। लेकिन कलक्ट्रेट स्थित अभय कमांड सेंटर की रेंज में यह इलाके नहीं हैं। इन इलाकों में कोई बड़ी वारदात-हादसा होने की स्थिति में पुलिस के पास ‘तीसरी आंख’ (third eye)का त्वरित माध्यम उपलब्ध नहीं है। जबकि इन इलाकों में वारदात धीरे-धीरे बढ़ रही हैं।
हत्या, लूट, मारपीट और दुर्घटना सहित अन्य वारदात पर पैनी निगाहेबानी के लिए राज्य सरकार ने प्रत्येक शहर में अभय कमांड सेंटर (abhay command center) बनाए हैं। अजमेर भी इसमें शामिल है। यहां कलक्ट्रेट में तीन साल से अभय कमांड सेंटर कार्यरत हैं। शहर में 234 कैमरे कमांड सेंटर (command center) से जोड़े गए हैं। यहां तैनात पुलिसकर्मी एलईडी स्क्रीन पर शहर के अंदरूनी और आसपास के इलाके में कैमरे से प्रत्येक गतिविधि पर नजर रखते हैं।
-कमांड सेंटर से दूर ये इलाके
-बड़ल्या में इंजीनियरिंग कॉलेज, नारेली में हाडी रानी बटालियन कैंपस, कारोबारियों के गोदाम
-कायड़ में एमडीएस विश्वविद्यालय, जीएडी क्वार्टर, एसीबी चौकी, डिस्कॉम, बीएसएनल का दफ्तर, देवनारायण गल्र्स हॉस्टल, आयुर्वेद, लॉ कॉलेज, राजस्व प्रशिक्षण संस्थान, जेल प्रशिक्षण संस्थान और अन्य
लोहागल में संस्कृत कॉलेज, पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग दफ्तर, निजी और सरकारी शिक्षण संस्थान
लगे हैं संस्थानों के निजी कैमरे
बड़ल्या, कायड़ और लोहागल इलाकों में निजी और सरकारी शिक्षण संस्थानों, व्यापारियों और निजी आवास पर लोगों ने अपने स्तर पर सीसीटीवी (cctv) लगा रखे हैं। लेकिन यह अभय कमांड सेंटर से जुड़े नहीं हैं। दुर्घटना, हादसा, लूट और अन्य वारदात होने पर संबंधित थाना पुलिस (police thana) को घरों अथवा संस्थानों पर लगे सीसीटीवी से फुटेज देखने-लेने पड़ते हैं।
शहर ही पूरा नहीं कवर...
सूचना प्रौद्योगिकी विभाग (आईटी) को शहर में 600 कैमरे लगाकर अभय कमांड सेंटर से जोडऩे हैं। लेकिन विभाग शहर में 234 कैमरे लगा सका है। इनमें भी 34 कैमरे खराब पड़े हैं। जबकि जिला पुलिस (ajmer police) कैमरे के स्थान (पॉइन्ट) चिन्हित कर विभाग को सूची दे चुकी है। कमांड सेंटर से
मिली ये कामयाबी...
मनीष मूलचंदानी हत्याकांड में प्रयुक्त कार का मिला सुराग
व्यवसायी कार से दस लाख के बैग चोरी वारदात के फुटेज
वैशाली नगर और अन्य इलाकों में लूट, स्नेचिंग में लिप्त आरोपियों की पहचान
-विभिन्न थाना क्षेत्र में चोरी-डकैती की वारदात का खुलासा
अभय कमांड सेंटर सिर्फ 234 कैमरे से संचालित है। अभी पूरे शहर को कवर करना बाकी है। कैमरे आईटी विभाग द्वारा ही लगाए जाने हैं। शहर के कायड़, बड़ल्या, लोहागल और अन्य बाहरी इलाके फिलहाल सेंटर से नहीं जुड़े हैं। हम आवश्यकता पडऩे पर जिला प्रशासन से कई इलाकों में सीसीटीवी जरूर लगवाते हैं।
कुंवर राष्ट्रदीप, पुलिस अधीक्षक अजमेर
Updated on:
30 Nov 2019 10:11 am
Published on:
01 Dec 2019 07:20 am
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