
अजमेर शहर में अवैध रूप से सडक़ किनारे खड़ी प्राइवेट यात्री बसें।
अजमेर. सुनने में बड़ा अजीब सा लगता है कि जिला कलक्टर,अजमेर के आदेश को ही प्राइवेट बस मालिक ठेंगा दिखा रहे है। शहर की यातायात व्यवस्था नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने बस स्टैण्ड व रूट तय कर रखे हैं। जिला कलक्टर,अजमेर ने इसके लिए बाकायदा आदेश भी जारी किया है, लेकिन बस मालिक इसकी परवाह नहीं कर रहे।
आदेश में रोडवेज बस स्टैंड की दो किलोमीटर की परिधि में निजी बसों सहित सभी यात्री वाहनों के संचालन पर प्रतिबंध लगाया गया है। इसके बावजूद कलक्ट्रेट के सामने ही यातायात पुलिस की मौजूदगी में रोडवेज बस स्टैंड के सामने, कलक्ट्रेट के मुख्य गेट, पुरानी आरपीएससी,अजमेर क्लब, जिला अदालत भवन के पास से निजी बसों बेखौफ संचालन जारी है। अवैध बस संचालन से सरकार को प्रतिमाह लाखों रुपए के रास्व की हानि हो रही है।
यहां है निजी बसों का अवैध अड्डा
रोडवेज बस स्टैंड के सामने, कलक्ट्रेट के मुख्यगेट, एसपी कार्यालय के पीछे, पुरानी आरपीएससी,अजमेर क्लब, आजाद पार्क, शास्त्री नगर, जिला अदालत भवन तथा जीसीए कॉलेज के पास से निजी बसों का बेखौफ संचालन हो रहा है। इसके अलावा लोक परिवहन की आड़ में सफेद व लाल रंग पोत कर कई प्राइवेट बसें भी चलाई जा रही है।
नो पार्किग जोन तय
गत वर्ष १८ अक्टूबर को एडीएम सिटी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में केन्द्रीय बस स्टैंड के आसपास का २ किलोमीटर का एरिया नो पार्र्किंग जोन घोषित किया था। इसके तहत पुरानी आरपीएससी से माध्यमिक शिक्षा बोर्ड तक का क्षेत्र नो पार्किग जोन तय किया गया। निजी बसें पुरानी माध्यमिक शिक्षा बोर्ड कार्यालय तथा सावित्री चौराहा के पास ही सवारियां चढ़ा तथा उतार सकेंगी। यह बसें यहां खड़ी नहीं होंगी।
परिवहन विभाग के २३ सितम्बर १९९९ को आदेश जारी रोडवेज बस स्टैंड की २ से ५ किलोमीटर की परिधी में निजी बस सहित सभी तरह के सवारियों वाहनों के संचालन को प्रतिबंधित कर दिया था। हाईकोर्ट ने भी दिशा निर्देश जारी किए हैं।
१० करोड़ पर फिर रहा पानी
नागौर से पुष्कर रोड होते हुए अजमेर आने वाली बसों के लिए नौसर में १० करोड़ रुपए खर्च कर प्राइवेट बस स्टैड बनाया गया है। इसके बावजूद बस चालक यहां बसें खड़ी नहीं करते। उनका परमिट भी नौसरघाटी तक ही है। गौरवपथ पर अवैध बस अड्डा बना हुआ है।
मलबा डालकर पाटाअवैध बस स्टैंड वाली भूमि पर नर्सरी लगी है। मूर्ति बनाने का काम हो रहा है। गैराज भी संचालित है। बसों के संचालन के लिए आनासागर में मलवा डाकर उसे पाटा जा रहा है। यहां से अवैध बस स्टैंड हटाने के लिए टीएमसी की बैठक में कई बार निर्णय हो चुका है। फिर भी पुलिस व परिवहन महकमा चुप्पी साधे हुए है।
सख्ती बरतने की मंशा
दूसरी ओर जिला कलक्टर विश्वमोहन शर्मा ने बताया कि अवैध बसों का संचालन बंद होगा। ढिलाई बरतने वाले पुलिस व परिवहन विभाग के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। एडिशनल एसपी टै्रफिक धर्मवीर जानू के अनुसार अवैध बसों के संचालन पर कार्रवाई की जाती रही है। इसमें तेजी लाई जाएगी। कार्रवाई नहीं करने वाले कार्मिकों की जानकारी एसपी को भेजी जाएगी।
Published on:
27 Sept 2019 07:03 am
