
ऊंट की सवारी का आनंद लेते पर्यटक। फोटो- पत्रिका
पुष्कर। पशु मेला अनौपचारिक तौर पर बुधवार से शुरू हो गया। मेला मैदान में पशुओं की आवक जारी है। उपखंड अधिकारी गुरूप्रसाद तंवर व पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक सुनील घीया ने मंत्रोच्चार के साथ मेला कार्यालय का शुभारम्भ किया। मेला अधिकारी घीया के अनुसार अब तक कुल 207 पशु आ चुके हैं। इनमें 196 ऊंट, 10 अश्व वंश तथा 1 बैल आया है। मेला शुरू होने के साथ ही धोरों में रंगत लौटने लगी है।
जिला कलक्टर लोकबंधु की पहल पर इस बार पुष्कर मेले को डिजिटल हाईटेक किया गया है। बिचौलियों की ठगी से बचाने के लिए ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से पशुपालकों को नि:शुल्क भूखंड आवंटन किए गए हैं। पशुपालक को क्यूआर कोड भी दिया है। इसे स्केन करने से पशुपालक की जानकारी मिल सकेगी।
गूगल मैप पर लाइव ट्रैफिक अपडेट के साथ पार्किंग की जानकारी व वन-वे रूट्स दिखाने का प्रयास रहेगा। इससे पर्यटकों को ट्रैफिक जाम, डायवर्जन और वैकल्पिक मार्गों की सटीक जानकारी मिल सकेगी। प्रशासन की ओर से मेला क्षेत्र के मुख्य मार्गों पर लाइव लोकेशन बताते हुए बड़े फ्लैक्स और बैनर भी लगाए जाएंगे।
पशु मेला अनौपचारिक रूप से शुरू होते ही नगर परिषद ने अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई की। नगर परिषद आयुक्त जनार्दन शर्मा के आदेश पर बुधवार को अंबडेकर उद्यान से बालाजी मार्केट, राजकीय अस्पताल के बाहर एवं नेहरु उद्यान के सामने सड़क किनारे फुटपाथ पर किए गए अस्थाई अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। इस दौरान कुछ लोगों ने भेदभाव से कार्रवाई के आरोप भी लगाए। वहींपुष्कर के रेतीलें धोरों में कैमल सफारी यहां पर आए विदेशी पर्यटकों के मन को भाने लगी है। पर्यटकों ने ना केवल कैमल सफारी का लुत्फ उठाया बल्कि मेले के नजारे भी कैमरे में कैद किए।
Updated on:
22 Oct 2025, 8:42 PM IST
Published on:
22 Oct 2025, 8:42 PM IST
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