
rain shavers in ajmer
अजमेर
आषाढ़ की फुहारें गुरुवार को रुक-रुक कर भिगोती रही। दिनभर बादलों का जमघट लगा रहा। फिर भी झमाझम बरसात नहीं हुई। हवा चलने और बादलों के कारण मौसम सुहाना रहा।
शहर में सुबह से ही घटाओं ने फुहारें छोडऩा शुरू कर दिया। रुक-रुक कर वैशाली नगर, माकड़वाली रोड, पंचशील, पुष्कर रोड, फायसागर क्षेत्र, सिविल लाइंस,रामगंज, केसरगंज, स्टेशन रोड, नसीराबाद रोड क्षेत्र, आदर्श नगर और अन्य इलाकों में टपका-टपकी होती रही। इससे घर-आंगन और सड़कें गीली होती रही। दिनभर झमाझम बारिश की उम्मीदें पूरी नहीं हुई। जिले के अन्य इलाकों में भी कमोबेश यही स्थिति रही।
अधिकांश जलाशयों में नहीं पानी
जिले के प्रमुख जलाशयों में पानी नहीं है। कहीं नाम मात्र तो कहीं तालाब-बांध बिल्कुल सूखे पड़े हैं। इनमें राजियवास, बीर, मूंडोती, पारा प्रथम और द्वितीय, बिसूंदनी, मकरेड़ा, रामसर, अजगरा, ताज सरोवर अरनिया, नारायण सागर खारी, मान सागर जोताया, देह सागर बडली, भीम सागर तिहारी, खानपुरा तालाब शामिल है। इसी तरह चौरसियावास, लाकोलाव टैंक हनौतिया, पुराना तालाब बलाड़, जवाजा तालाब, देलवाड़ा तालाब, छोटा तालाब चाट, बूढ़ा पुष्कर, मान सागर जोताया, कोडिय़ा सागर अरांई, जवाहर सागर सिरोंज, सुरखेली सागर अरांई, बिजयसागर लाम्बा, विजयसागर फतेहगढ़, बांके सागर सरवाड शामिल हैं।
जिले में बरसात...(एक जून से अब तक)
अजमेर 132.5, श्रीनगर 95, गेगल 86, पुष्कर 275, गोविन्गढ़ 149, नसीराबाद 161, पीसांगन 292.1, मांगलियावास 179, किशनगढ़ 120, बांदरसिदरी 58, रूपनगढ़ 195, अराई 308, ब्यावर 301, जवाजा 247, टॉडगढ़ 160, सरवाड़ 238, केकड़ी 223.7, सावर 124.8, भिनाय 301, मसूदा 108, बिजयनगर 263, नारायणसागर 250 (मिलीमीटर)
जिले हुई कुल बरसात..194.84 मिलीमीटर
सरकार और राजभवन को नहीं मिला कोई कार्यवाहक कुलपति
महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय को चौथे दिन भी कार्यवाहक कुलपति नहीं मिल सका। राजभवन और मुख्यमंत्री सचिवालय के बीच पत्रावली अटकी रही। प्रदेश के किसी भी कुलपति को कार्यवाहक जिम्मेदारी सौंपने को लेकर कोई सहमति नहीं बन सकी।
प्रो. विजय श्रीमाली के निधन के बाद चौथे दिन विश्वविद्यालय में कुलपति पद रहा। कुलपति नियुक्ति की फाइल मुख्यमंत्री सचिवालय और राजभवन के बीच ही बनी रही। बुधवार को भी मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की व्यस्तता के चलते इस पर राजभवन से चर्चा नहीं हो पाई। अधिकृत सूत्रों के मुताबिक फाइल पहुंचने के बाद ही कुलाधिपति एवं राज्यपाल कल्याण सिंह कार्यवाहक कुलपति के नियुक्ति आदेश जारी करेंगे।
प्रो. सोडाणी या कोई और...
अधिकृत जानकारी के अनुसार उच्च स्तर पर गोविंद गुरू जनजातीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. कैलाश सोडाणी पर करीब-करीब सहमति बन चुकी है। प्रो. सोडाणी मौजूदा वक्त विभिन्न विश्वविद्यालयों में शिक्षक भर्ती, पाठ्यक्रम, और कुलपति सर्च पैनल में सदस्य हैं। उन पर कामकाज का काफी बोझ है। इसके चलते श्री कर्ण नरेंद्र कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. प्रवीण सिंह राठौड़, राजस्थान विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आर. के. कोठारी और एम.एल.सुखाडिय़ा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. जे. पी. शर्मा के नाम पर भी चर्चा जारी है।
Published on:
26 Jul 2018, 8:18 AM IST
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