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RPSC: तीन अभ्यर्थी शामिल हुए मेरिट में, ये है इसकी वजह

राजस्थान हाईकोर्ट के आदेशानुसार मुख्य मेरिट में प्रतिस्थापित किया है।
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अजमेर

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raktim tiwari

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Updated: 15 Oct 2020, 4:17 PM IST

rpsc merit list

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अजमेर.

राजस्थान लोक सेवा आयोग ने प्रधानाध्यापक माध्यमिक विद्यालय(माध्यमिक शिक्षा विभाग) प्रतियोगी परीक्षा-2018 के तहत तीन अभ्यर्थियों को राजस्थान हाईकोर्ट के आदेशानुसार मुख्य मेरिट में प्रतिस्थापित किया है।

सचिव शुभम चौधरी 23 सितंबर 2019 को घोषित परिणाम के क्रम में तीन अभ्यर्थियों को प्राप्तांकों के आधार पर मुख्य मेरिट सूची में प्रतिस्थापित किया गया है। अभ्यर्थी 127971 और 165911 स्वयं के कट ऑफ वर्ग में नहीं आने से मुख्य / आरक्षित सूची में स्थान नहीं बना पाए हैं। अभ्यर्थी आयोग की वेबसाइट से विस्तृत जानकारी ले सकते हैं।

डॉ. भूपेंद्र सुबह तक थे डीजीपी, शाम को बने आरपीएससी अध्यक्ष

अजमेर. स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने वाले पुलिस महानिदेशक रहे डॉ. भूपेंद्र यादव ने राजस्थान लोक सेवा आयोग का अध्यक्ष पद संभाल लिया है। उनके अलावा आयोग में चार नए सदस्यों की नियुक्ति भी हुई। सात साल में यह पहला अवसर है जबकि आयोग में अध्यक्ष सहित सदस्यों का कोरम पूरा हुआ है।

पूर्व अध्यक्ष दीपक उप्रेती ने 23 जुलाई 2018 को कार्यभार सम्भाला था। आयोग के नियमानुसार अध्यक्ष अथवा सदस्य 62 साल की उम्र तक ही पद पर रह सकते हैं। इस लिहाज से उप्रेती का कार्यकाल बुधवार को पूरा हो गया। राज्यपाल कलराज मिश्र ने बुधवार को ही सेवानिवृत्त हुए निर्वतमान डीजीपी डॉ. भूपेंद्र यादव को अध्यक्ष और चार नए सदस्यों की नियुक्त आदेश जारी किए। डॉ.यादव आयोग के 35 वें अध्यक्ष बने हैं।

जल्द कराएंगे परीक्षाएं-साक्षात्कार
पदभार संभालने के बाद पत्रकारों में बातचीत में डॉ. यादव ने कहा कि उन्होंने 34 साल पुलिस सेवा में बिताए हैं। कानून की पालना, आईपीसी धाराओं से ज्यादा वास्ता रहा है। राजस्थान लोक सेवा आयोग संवैधानिक संस्था है। कोरोना संक्रमण के आरएएस 2018 सहित जो साक्षात्कार और परीक्षाएं बकाया हैं, उन्हें समय रहते पूरा किया जाएगा। निवर्तमान अध्यक्ष उप्रेती ने संस्थान को सशक्त बनाया है। इसके अनुरूप वे आयोग के कामकाज को गति देने और प्रतिष्ठा बनाए रखने का प्रयास करेंगे।