4 सितंबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

नरेगा में सात हजार मजदूरों को मिला रोजगार

सिंचाई और जल संरक्षण के कार्य शुरू श्रमिक संख्या में नहीं होगी सीलिंग प्रतिदिन 220 रुपए मिलेगा भुगतान
2 min read
Google source verification
Corona

corona

भूपेन्द्र सिंह . अजमेर

लॉकडाउन के कारण ठप पड़ी गांव की अर्थव्यवस्था को जल्द ही पटरी पर आने की उम्मीद है। लॉक डाउन के कारण जहां अधिकतर उद्योग बंद हैं वही जिले में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार योजना (मनरेगा) के तहत जिला स्तर पर कार्य शुरु हो गए हैं। नरेगा कामों में श्रमिक संख्या की कोई सीलिंग नही हैं, ग्रामीण क्षेत्र में काम करने वाले ग्राम पंचायतवासी को आवेदन के बाद काम दिया जाएगा। जिले में वर्तमान में 7 हजार 602 मजदूर नरेगा के तहत कार्य कर रहे हैं। परिषद ने मजदूरों को पंचायतों के पूर्व स्वीकृत कार्यो में लगाया गया है। इनमें व्यक्तिगत लाभ के प्रधानमंत्री आवास योजना के 850 आवासों का निर्माण, मेड़बंदी तथा सिंचाई व जल संरक्षण के तहत नहर खुदाई, तालाब गहरा करना,नाड़ी निर्माण, परम्परागत जलस्रोत के कार्य सहित 70 सार्वजनिक कार्य शामिल हैं। पंचायतें नए कार्य भी ऑनलाइन स्वीकृत करवा सकती हैं। वहीं जिले में नरेगा के तहत 12000 हजार पुराने कार्य लम्बित हैं, 4500 आवास निर्माण भी बाकी है।

सुबह 6 से दोपहर 1 बजे तक होगा काम
जिले में अब नरेगा के तहत सुबह 6 से दोपहर 1 बजे तक ही काम होगा। इस दौरान लंच ब्रेक नहीं होगा। पूर्व में नरेगा में सुबह 8 से शाम 5 बजे तक कार्य करवाया जाता था जिसमें एक घंटे का लंच ब्रेक होता था। समय परिवर्तन के आदेश जिला कलक्टर ने मंगलवार को जारी कर दिए। वहीं नरेगा मजूदरों 1 अप्रेल से लागू नई बीएसआर रेट के तहत को 220 रुपए दिए जाएंगे। पहले 199 रुपए प्रतिदिन दिए जाने का ही प्रावधान था।

दूसरे दिन बढ़ी संख्या
जिले में 7602 मजदूर नरेगा के तहत कार्य कर रहे हैं। पंचायत समिति भिनाय की 21 ग्राम पंचायतों में सर्वाधिक 1734 मजदूर कार्य कर रहे हैं। सोमवार को जहां मजदूरों की संख्या 2 हजार 545 थी वहीं मंगलवार को 5000 से अधिक मजदूरों की बढ़ोतरी हुई। पंचायत समिति अराई की 21 ग्राम पंचायतों में 359 मजूदर काम कर रहे हैं। जवाजा में 732, केकड़ी में 924,मसूदा में 423, पीसांगन में 301,सरवाड़ में 1155, श्रीनगर में 936 तथा सिलोरा में 1048 मजदूर नरेगा के तहत कार्य कर रहे हैं।

1.8 मीटर की दूरी पर करना होगा काम
जिला परिषद सीईओ के गजेन्द्र सिंह राठौड़ के अनुसार काम के दौरान कोविड-19 की एडवाइजरी को सख्ती से लागू किया जाएगा। सोशल डिस्टेंसिंग की पालना करना होगी। सभी को मास्क लगाना अनिवार्य होगा। हर व्यक्ति एक-दूसरे से1.8 मीटर की दूरी पर काम करेगा। एक श्रमिक को 13 दिन का टास्क दिया जाएगा। वह समय से पूर्व भी काम पूरा कर मेट को जानकारी देकर घर जा सकता है।

मेडिकल किट में साबुन
कार्य के दौरान कार्यस्थल पर श्रमिकों के लिए रखी जाने वाली मेडिकल किट में अब साबुन भी रखा जाएगा। कार्य के दौरान मजदूर को चार-चार बार हाथ धोने पड़ेंगे। काम करवाने से पूर्व ग्राम सेवक मेट को निर्देश देगा कि श्रमिक संक्रमित तो नहीं है इसकी पुष्टि की जाए।

read more:कुछ उद्योगों को मिली अनुमति, शेष को इंतजार