
ajmer central jail
अजमेर. अजमेर सेन्ट्रल जेल में बंदियों की बैरक तक मोबाइल फोन पहुंचने का सिलसिला अभी थमने का नाम नहीं ले रहा है। शनिवार को फिर जेल में बंदियों की बैरक की तलाशी में आधा दर्जन मोबाइल फोन और सिमकार्ड बरामद किया गया है। मामले में जेल प्रशासन की शिकायत पर राजस्थान कारागार अधिनियम में मुकदमा दर्ज किया है।
अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल और सेन्ट्रल जेल में लगातार बंदियों के मोबाइल इस्तेमाल की सूचना आने पर शनिवार को पुलिस प्रशासन ने लगातार दूसरे दिन कार्रवाई करते हुए अजमेर की सेन्ट्रल जेल में बंदियों की बैरक खंगाली। शनिवार दोपहर हुई कार्रवाई से अजमेर सेन्ट्रल जेल में हड़कम्प मच गया। बंदियों के बैरक व जेल परिसर की तलाशी में छह मोबाइल फोन व एक सिमकार्ड बरामद किया। इस पर जेल प्रशासन की ओर से दी गई शिकायत पर सिविल लाइन्स थाने में राजस्थान जेल अधीनियम में मुकदमा दर्ज किया है।
पत्रिका ने भी किया था उजागर
राजस्थान पत्रिका अगस्त 2017 में अजमेर सेन्ट्रल जेल में बंदियों के चलने वाले वसूली के खेल को स्टिंग ऑपरेशन के जरिए उजागर किया था। हालांकि मामले में जेल प्रशासन सिर्फ 6 बंदियों पर कार्रवाई कर इतिश्री कर ली थी जब कि वसूली के खेल में जेल प्रहरी से लेकर जेल अधिकारियों तक की मिलीभगत थी।
एसीबी ने की कार्रवाई
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो अजमेर के एसपी राजीव पचार ने गत 18 जुलाई को अजमेर सेन्ट्रल जेल में कार्रवाई करते हुए बंदियों से सुविधा शुल्क वसूली के बड़े रैकेट का भंडाफोड़ किया था। इसमें बंदियों, जेल प्रहरी और जेल प्रशासन के बीच का गठजोड़ सामने आया था। इसमेंं एसीबी ने 9 जनो को गिरफ्तार किया था। इसमें जेल प्रहरी अरुण चौहान, प्रधान बाना, संजय सिंह, केसाराम, सजायाफ्ता कैदी सनी तेजी, रमेश जाट, शैतानसिंह जाट व बाहरी सहयोगी सागर तेजी, प्रवेश उर्फ गोलू को गिरफ्तार किया था। एसीबी ने आरोपियों से पूछताछ और सबूत जुटाने के बाद 3 अगस्त को जेल भेज दिया था। फिलहाल सभी न्यायिक अभिरक्षा में है। प्रकरण में अनुसंधान एसीबी अजमेर स्पेशल चौकी कर रही है।
इनका कहना है
शनिवार को अजमेर सेन्ट्रल जेल में तलाशी ली गई। जिसमें छह मोबाइल फोन और एक मोबाइल सिमकार्ड मिला है। जेल प्रशासन की शिकायत पर प्रकरण दर्ज किया है।
नरेन्द्र कुमार मीणा, थानाप्रभारी सिविल लाइन्स
Published on:
11 Aug 2019, 5:00 AM IST
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