
govt employees strike
अजमेर.
सातवें वेतनमान सहित अन्य मांगों को लेकर रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल जारी रही। कर्मचारियों ने बस स्टैंड से कलक्ट्रेट तक रैली निकाली तथा प्रदर्शन किया। बस स्टैंड व आसपास खड़ी लोक परिवहन सेवा तथा अन्य निजी बसों को भी वहां से हटवाया। कर्मचारियों ने बस स्टैंड पर सभा कर सरकार की हठधर्मिता पर नाराजगी जताई तथा मांगें नहीं माने जाने पर सरकार को चुनाव में सबक सिखाने की चेतावनी दी।
राजस्थान परिवहन निगम श्रमिक संगठन संयुक्त मोर्चा (एटक, सीटू, इंटक एसोसिएशन, बीजेएमएम ,कल्याण समिति) के आह्वान पर कर्मचारी 17 सितम्बर से हड़ताल पर हैं। कर्मचारी सातवां वेतनमान देने, नई बसों की खरीद, कर्मचारी भर्ती, सेवानिवृत्त कर्मचारियों के बाकाया परिलाभ व पेंशन दिलाने की मांग कर रहे हैं। रोडवेज कर्मचारियों को कई कर्मचारी संगठन व शहर के अन्य संगठनों का समर्थन मिल रहा है। हड़ताल के कारण रोडवेज बसें बस स्टैंड तथा कार्यशाला में खड़ी हैं। कर्मचारियों ने बस स्टैंड पर मशाल जुलूस भी निकाला।
सरकार कर्मचारियों से बात करे: बाहेती
पूर्व विधायक डॉ. श्रीगोपाल बाहेती ने रोडवेज कर्मचारियों के समर्थन में सरकार से मांग की है कि कर्मचारियों की वाजिब मांग मानी जाए। कर्मचारी 17 सितम्बर से हड़ताल पर हैं। इतना ही नही सत्ताधारी पार्टी की मजदूर इकाई के पदाधिकारी 13 सितम्बर से आमरण अनशन पर हैं और सरकार गौरव यात्रा निकाल रही है। कही ऐसा तो नही राजस्थान की जनता की पहचान रोडवेज को सरकार बन्द करना चाह रही हो। जनता इस हड़ताल से दुख पा रही है और आवागमन के लिए दुगुने तिगुने दाम दे जेब कटवा रही है और दूसरी ओर सरकार बेखबर नीन्द ले रही है।
बे-बस जनता और कर्मचारी
विधानसभा चुनाव से पहले पूरे प्रदेश में सरकार की किरकिरी हो रही है। सहायक कर्मचारी, लोक जुम्बिश के कर्मचारी और रोडवेज कर्मी हड़ताल पर हैं। सरकार किसी स्तर पर इनसे निबटती नहीं नजर आई है। मंत्री और संबंधित विभाग के नौकरशाह सिर्फ कर्मचारी संगठनों से बातचीत में जुटे हैं। काम पर वापस लौटने की अपील की गई है। इसके बावजूद कोई हल नहीं निकला है। जनता बे-बस होकर इस परेशानी को भुगत रही है।
Published on:
25 Sept 2018 09:17 am
