30 जुलाई 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

साहब के बंगले में मिला स्वीमिंग पूल, ये है इसके पीछे की कहानी..

www.patrika.com/rajasthan-news
less than 1 minute read
Google source verification
swimming pool

swimming pool

अजमेर.

नगर निगम के तत्कालीन आयुक्त एवं वर्तमान बाड़मेर जिला कलक्टर हिमांशु गुप्ता द्वारा अपने कार्यकाल में अजमेर में आयुक्त के लिए चिह्नित बंगलें में लाखों रुपए खर्च कर स्वीमिंग पूल बनाए जाने का मामला विवादों में आया गया है। भाजपा नेताओं ने शिकायत के लिए इसे सरकार के ध्यान में लाया जा रहा है अब यह मामला जोर पकड़ सकता है।

आरोप है कि तत्कालीन आयुक्त ने नियम कायदे ताक पर रखकर निगम के ठेकेदारों के जरिए बंगले में स्वीमिंग पूल का निर्माण करवाया। यही नहीं स्वीमिंग पूल नजर नहीं आए इसके लिए इसके चारों ओर हरे रंग की जालियां भी लगाई गई।

सर्किट हाउस के पास बंगला
निगम आयुक्त को सर्कि ट हाउस कम्पाउंड के पास सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा बंगला आवंटित किया गया है। नियमानुसार आवंटित बंगले में स्वीमिंग पूल नहीं बनाया जा सकता है लेकिन आयुक्त गुप्ता ने अपने प्रभाव के जरिए यहां स्वीमिंग पूल का निर्माण करवा लिया। शहर में जहां लोगों को दो दिन में पीने का पानी नसीब होता है वहीं गुप्ता ने अपने कार्यकाल के दौरान बीसलपुर के पानी में गोते लगाए।

पीडब्ल्यूडी के अभियंता चुप

यह बंगला सार्वजनिक निर्माण विभाग का है। बंगले में स्वीमिंग पूल का निर्माण किसके निर्देश पर और कैसे हुआ है और इस पर कितनी राशि खर्च हुई? इस पर सार्वजनिक निर्माण विभाग के अभियंता बोलने को तैयार नहीं हैं। निगम अभियंता व ठेकेदार भी इस मामले में बोलने को तैयार नहीं है।

मुझे जो बंगला जैसा आवंटित हुआ है मैं उसमें रह रही हूं। मैंने बंगले में किसी तरह का कोई निर्माण कार्य नहीं करवाया है। मुझे इस बारे में कुछ नहीं कहना है।
-चिन्मयी गोपाल, आयुक्त नगर निगम

(इस मामले में पूर्व नगर निगम आयुक्त व वर्तमान में बाड़मेर जिला कलक्टर हिमांशु गुप्ता से उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया।)