
जवाहरलाल नेहरू अस्पताल में मंगलवार दोपहर विवाहिता के पोस्टमार्टम की कार्रवाई के दौरान मौजूद मेडिकल बोर्ड व परिजन।
अजमेर(Ajmer News). जिसके लिए ना केवल उम्र की सीमा लांघ डाली बल्कि परिवार के बंधनों को तोड़कर दो बच्चों की मां से निकाह रचाया। उस विवाहिता ने मंगलवार सुबह दो मासूम बच्चे व शौहर को मझदार में छोड़कर दुनियां को अलविदा कह दिया। वह संदिग्ध हालात में सीढि़यों में चैनल गेट के एंगल पर दुपटे से लटकी हुई मिली। परिजन फंदे को काटकर अस्पताल लेकर पहुंचे लेकिन चिकित्सकों ने उसको मृत घोषित कर दिया।
सदर कोतवाली थाना क्षेत्र के मूंदड़ी मोहल्ला खारीकुई में किराए के कमरे में रहने वाले मोहम्मद फाजिल(20) अपनी 26 वर्षीय पत्नी मुन्नी उर्फ महबूबा उर्फ मुंतिसा को फंदे से उतार मंगलवार तड़के 4 बजे जवाहरलाल नेहरू अस्पताल की आपातकालीन इकाई लेकर पहुंचा। चिकित्सकों ने मुंतिसा को मृत घोषित कर दिया। सूचना पर कोतवाली थाना पुलिस पहुंची। पुलिस ने शव को मोर्चरी में रखवाकर पड़ताल की तो उनका निकाह के 6 साल से कम अवधि होने पर एसडीएम(अजमेर) अपूर्वा परवाल को सूचना दी। प्रकरण में एसडीएम ने जांच शुरू करते हुए मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजन के सुपुर्द कर दिया।
मोहम्मद फाजिल ने बताया कि रक्षाबंधन के चलते वह सोमवार रात घर पर था। रात ढाई बजे पत्नी मुंतिसा ने खाना खाया। उसने उससे भी खाने के लिए पूछा लेकिन वह पहले खाना खा चुका था। वह कमरे में मौजूद था लेकिन मुंतिसा खाना-खाने के बाद कमरे से बाहर जाते हुए दरवाजा बंद कर दिया। काफी देर तक उसके नहीं लौटने पर उसने दरवाजा खोलना चाहा तो वह बाहर से बंद था। उसने शीशाखान में रहने वाली सास को कॉल किया। सास उसके कमरे पर आई तो मुंतिजा सीढि़यों में चैनल गेट की एंगल से फंदे पर लटकी मिली। उसकी सास के कुंदा खोलने पर वह कमरे से बाहर निकला तो दोनों ने जैसे-तैसे फंदा काटकर उसे अस्पताल पहुंचाया।
मोहम्मद फाजिल ने बताया कि उसने 26 वर्षीय मुन्नी उर्फ मेहबुबा उर्फ मुंतिसा से ढाई साल पहले प्रेमविवाह किया। मुंतिसा के पहले पति की बीमारी से अकाल मृत्यु हुई थी। उसके दो बच्चे थे लेकिन ईरिक्शा में सवारी बनकर आई मुंतिसा उसकी जिंदगी में शामिल हो गई। उसने उम्र की दहलीज को लांघी तो अपनों ने मुंह मोड़ लिया। मुंतिसा से निकाह के बाद वह दिनरात ई-रिक्शा चलाकर गुजर बसर कर रहा था। करीब एक साल पूर्व मुंतिसा ने दो जुड़वा बच्चों को जन्म दिया। वह दिनरात नवजात के लालन-पालन में व्यस्त रहती थी। पुराने कमरे की मरम्मत के कारण डिग्गी इलाके के दूसरे कमरे में वह परिवार के साथ चला गया लेकिन तीन पहले पहले वाले कमरे में लौटे आए।
फाजिल ने कहा कि उनमें कभी विवाद या झगड़ा नहीं हुआ। वह दिनरात मेहनत करके परिवार का खर्च उठा रहा था। बच्चों की पैदाइश पर सास ने 17 हजार उधार दिए थे। उसने मुंतिजा को जल्द लौटाने की बात कही थी लेकिन ना जाने उसने क्या सोंचकर यह कदम उठाया। उसको भी अंदाजा नहीं था। उसने उसके लिए सब छोड़ दिया लेकिन वह उसको मझधार में छोड़ गई।
Published on:
21 Aug 2024 12:55 am
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