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बोले प्रदर्शनकारी-वीसी साहब रोको भर्तियां, आपको ऐसे ही नहीं मिली कुर्सी

अम्बेडकर वेलफेयर सोसायटी ने किया प्रदर्शन।आरक्षण नीति के बगैर शिक्षक भर्तियां नहीं करने की मांग की।
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raktim tiwari

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Updated: 21 Oct 2016, 8:50 AM IST

recruitment post teacher reservation agitation

recruitment post teacher reservation agitation

महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय में शिक्षकों की भर्ती का विरोध जारी है। डॉ. अम्बेडकर वेलफेयर सोसायटी के पदाधिकारियों ने नारे लगाकर प्रदर्शन किया। कुलपति को ज्ञापन देकर आरक्षण नीति के बगैर शिक्षक भर्तियां नहीं करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने कहा, वीसी साहब आपको ऐसे ही कुर्सी नहीं मिली है। गड़बडिय़ां हमको समझ आ रही हैं, आप तत्काल भर्तियां रोकिए।

सोसायटी के जिलाध्यक्ष देशराज मेहरा ने कुलपति प्रो. कैलाश सोडाणी को बताया कि शिक्षकों की भर्ती में विश्वविद्याल आरक्षण नीति की पालना नहीं कर रहा। राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के उपाध्यक्ष राजू परमार ने विश्वविद्यालय को संयुक्त इकाई मानते हुए भर्तियों की बात कही, लेकिन प्रशासन ने तवज्जो नहीं दी। आयोग ने रोस्टर नियम और आरक्षण प्रावधान को लागू कर एक महीने में रिपोर्ट मांगी, पर ऐसा नहीं हुआ। विश्वविद्यालय ने 1987 से 1998 तक रोस्टर लागू नहीं किया। यूजीसी ने भी कहा है, कि आरक्षण नीति की अनुपालना के बगैर विश्वविद्यालयों को बजट नहीं मिलेगा। विश्वविद्यालय ऐसे विभागों में शिक्षक भर्ती कर रहा है, जो अस्तित्व में नहीं है। इन आपत्तियों के मद्देनजर भर्तियां नहीं होनी चाहिए।

1 करोड़ दिए अब तो चलाओ पीठ

मेहरा द्वारा अम्बेडकर पीठ में ढंग से कामकाज नहीं होने के सवाल पर कुलपति प्रो. सोडाणी ने कहा कि हमने पीठ के लिए 1 करोड़ रुपए दिए। विधानसभाध्यक्ष कैलाश मेघवाल को बुलाकर कार्यक्रम भी कराया। अब पीठ के स्टाफ को कामकाज करना है। मैं तो 1 करोड़ और दूंगा, पीठ में लगातार कार्यक्रम कराना उनकी जिम्मेदारी है।

हम देंगे अम्बेडकर की प्रतिमा

सोसायटी के सदस्यों ने कहा कि अम्बेडकर पीठ की स्थापना स्वागत योग्य है। हम विश्वविद्यालय को डॉ. अम्बेडकर की प्रतिमा उपलब्ध कराएंगे। इसके निर्माण में खर्चा भी वहन करेंगे। इस पर कुलपति ने कहा, आप प्रतिमा देंगे तो हम उसे उचित स्थान पर विधिवत स्थापित कराएंगे। इस दौरान हनुमान प्रसाद, महेश कुमार, धर्माराम, मेवाराम, भोमाराम, रमेश, पेमाराज, तुलच्छाराम, सुरेश कालवा, राधाकिशन और अन्य मौजूद थे।